Posted in gandhi on October 14, 2006 | No Comments »
मित्र अनूप शुक्ला ने एक टिप्पणी में एक गलत सूचना दी थी कि गांधी जी को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने सर्वप्रथम ‘राष्ट्रपिता’ कहा था.इस बाबत नीचे लिखे तथ्य गौरतलब हैं :
६ जुलाई ,१९४४ को राष्ट्र के नाम प्रसारित अपने रेडियो सन्देश में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने सर्वप्रथम गांधीजी के लिए ‘राष्ट्रपिता’ सम्बोधन किया था.भाषण के [...]
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Posted in gandhi, half pant on October 3, 2006 | No Comments »
संजय बेंगाणी के चिट्ठे पर टिप्पणी
गांधी की निन्दा अवश्य करें लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखें :
अपनी आत्मकथा को ‘सत्य के प्रयोग’ कहने वाला यह कहता था कि चूंकि यह प्रयोग है इसलिए यदि मेरे विचारों में एक विषय पर दो परस्पर विरोधी बातें मिलें तो बाद वाली को सही मानना.
जैसे जाति प्रथा के बारे में [...]
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Posted in Uncategorized on October 1, 2006 | No Comments »
गांधी जी पंडित नेहरू को (अक्टूबर,१९४५) :
हमारे दृष्टिकोणमें जो भेद है उसके बारे में मैं लिखना चाहता हूं . यदि वह भेद बुनियादी है तब तो जनता को वह मालूम हो जाना चाहिए . उसे (जनताको) अन्धकारमें रखने से हमारे स्वराज्य के कार्य को हानि पहुंचेगी .
गांधी जी नेहरू को (स्वाधीनता के बाद) :
मेरा विश्वास [...]
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