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Archive for March, 2007

Technorati tags: consummerist culture, sachchidanand sinha
गत प्रविष्टी से आगे :
       औद्योगिक मानसिकता
    थोक पूँजीवादी उत्पादन प्रणाली के विकास और पूँजीवादी व्यवस्था के वर्चस्व के साथ तेजी से बड़ी मात्रा में उत्पादन अब जीवन के हर क्षेत्र का लक्ष्य बन गया । एसेम्बली लाइन अब कारखाने की छत के नीचे ही सीमित नहीं रही सारी दुनिया [...]

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Technorati tags: consummerist culture, sachchidanand sinha
गत प्रविष्टी से आगे :
उपभोक्तावादी संस्कृति का विकास
    अब प्रश्न उठता है कि यह उपभोक्तावादी संस्कृति कैसे विकसित हुई ? इस समस्या पर विचार करने पर हम पायेंगे कि यह मूल रूप से पूँजीवादी उत्पादन और वितरण प्रणाली की उपज है । समाज के हर क्षेत्र के व्यावसायीकरण की प्रक्रिया [...]

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Technorati tags: international, women’s day
    समता की चाह रखने वाली जुझारू महिला आन्दोलनकारियों को याद करने का यह दिन , हमारी एकता व एकजुटता दर्शाने का भी दिन है ।
    समाज में शराबी पति की मार सहने वाली , घर-परिवार के ही भूखे-दरिन्दों की काम लिप्सा को चुपचाप सहने वाली , सरेबाजार नंगी घुमा दिए [...]

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Technorati tags: consummerist culture, sachchidanand sinha
गत प्रविष्टी से आगे
                                  कृत्रिमता ही जीवन
    कृत्रिम शहरी वातावरण में , जो उपभोक्तावादी संस्कृति का परिवेश है , फूलों की गंध , हरियाली , सूरज , चाँद और खुला आकाश मनुष्य के अनुभव या सौन्दर्यबोध के दायरे से बाहर चले जाते हैं । इनकी जगह कृत्रिम से प्रकाशित एवं [...]

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Technorati tags: consummerist culture, sachchidanand sinha
गत प्रविष्टी से आगे
 उपभोक्तावादी संस्कृति
    जब हम उपभोक्तावादी संस्कृति की बात करते हैं तो उपभोग तथा उपभोक्तावाद में फरक करते हैं । उपभोग जीवन की बुनियादी जरूरत है । इसके बगैर न जीवन सम्भव है और न वह सब जिससे हम जीवन में आनन्द का अनुभव करते हैं । इस [...]

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Technorati tags: consumerist culture, sachchidanand sinha
                                भूमिका
    हमारा निजी रहन - सहन कैसा होता है , इसके सामाजिक प्रभाव के सम्बन्ध में बहुत विचार नहीं किया जाता । ऐसे लोग भी जो समाज-परिवर्तन करना चाहते हैं , समाज से गरीबी हटाना चाहते हैं और समता लाना चाहते हैं , खुद कैसे रहते हैं इस बारे में नहीं सोचते।  लेकिन हमारा रहन-सहन [...]

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    दिसम्बर २००३ में साइबर कैफ़े में बैठ कर Anti MNC Forum नामक अंग्रेजी चिट्ठा बनाया । राजनैतिक विचारधारा के अनुकूल  संजाल पर जो  पढ़ता था उस चिट्ठे पर डाल देता था । कुछ अंग्रेजी के लेख और एकाध हिन्दी से अंग्रेजी तर्जुमे भी उसमें  थे । उड़ीसा में बॉक्साइट खनन के विरुद्ध चल रहे [...]

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