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Archive for जून 16th, 2007

हत्यारों के गिरोह का एक सदस्य हत्या करता है दूसरा उसे दुर्भाग्यपूर्ण बताता है तीसरा मारे गए आदमी के दोष गिनाता है चौथा हत्या का औचित्य ठहराता है पाँचवाँ समर्थन में सिर हिलाता है   और अन्त में सब मिलकर बैठक करते हैं अगली हत्या की योजना के सम्बन्ध में ।                                      -  राजेन्द्र राजन .

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