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Archive for August, 2007

 
Technorati tags: नारोदनिक, मार्क्स, खेती, गाँव, narodnik,  agriculture, village
पिछले भाग से आगे :
    दरअसल मार्क्सवादी और पूंजीवादी दोनों प्रकार के चिंतन में खेती व गांव एक पुरानी , पिछड़ी और दकियानूसी चीज है ,  एक पुरानी सभ्यता के अवशेष हैं । संयुक्त राज्य अमेरिका , कनाडा और पश्चिमी यूरोप में राष्ट्रीय आय में और कार्यशील आबादी [...]

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Technorati tags: औद्योगीकरण का अन्धविश्वास, superstition of industralisation, mahatma gandhi, marx
    सिंगूर और नन्दीग्राम की घटनाओं से और इनके पहले कलिंगनगर तथा दादरी जैसे संघर्षों से इतना जरूर हुआ है कि भूमण्डलीकरण के रास्ते पर दौड़ते मदांध शासक वर्ग के पैर कुछ ठिठके हैं तथा देश में एक बहस छिड़ी है । विशेष आर्थिक क्षेत्रों [...]

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Technorati tags: म.प्र. सुरक्षा अधिनियम, दुरुपयोग, m.p. state security act, misuse
लेख का उत्तरार्ध यहाँ पढ़ें
    जिस कानून के तहत अनुराग-शमीम को जिला बदर करने का नोटिस दिया है , वह आमतौर पर शातिर अपराधियों , खूंखार अपराधी गिरोहों , जुआरियों , वैश्यावृत्ति का अड्डा चलाने वालों आदि के विरुद्ध इस्तेमाल किया जाता है । उनकी श्रेणी [...]

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Technorati tags: शमीम, अनुराग, जिला-बदर, हरदा, shamim, anurag, externment, harda, M.P.
    भारत एक लोकतंत्र है । कई बार हम गर्व करते हैं कि जनसंख्या के हिसाब से यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है । अपने पड़ोसियों की तुलना में हमने लोकतंत्र को बचाकर रखा है। लेकिन इस लोकतंत्र में आम लोगों की इच्छाओं , [...]

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Technorati tags: posts index, samajwadi janaparishad, प्रविष्टी सूची, समाजवादी जनपरिषद

    यह चिट्ठा १५ अगस्त  २००६ को शुरु किया था । दिसम्बर २००६ तक ‘नारद’ पर नहीं लिया गया था इसलिए तब सर्च इंजन अथवा अन्य चिट्ठों पर की गयी मेरी टिप्पणियों अथवा ईमेल से मेरे द्वारा भेजी गयी कड़ियों से ही पाठक पहुँचते थे । दिसम्बर [...]

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Technorati tags: तुलसीदास, मानस, स्त्री, शूद्र, tulsidas, manas, stree, shoodra
    पिछली तीन प्रविष्टियों में रामचरितमानस का सन्दर्भ आया और स्वस्थ लोगों के बीच चर्चा-बहस हुई । घुघूती बासूती ने स्त्री के दर्द का उदाहरण शूद्र के दर्द से दिया । इष्टदेव संकृत्यायन और अनूप शुक्ला ने मानस में स्त्री विरोधी पंक्तियों के सन्दर्भ में इस [...]

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Technorati tags: तुलसीदास, नारि, समाज, tulsidas, nari, samaj
    तुलसीदास का छद्म सेक्युलरवाद नामक पोस्ट में मैंने एक चौपाई की पहले की पंक्ति और एक की बाद की पंक्ति के बारे में पूछा था । टिप्पणियाँ आईं , जवाब नहीं आया ।कुछ ने पढ़ समझ कर टिप्पणियाँ दीं और कुछ को पढ़ने-समझने का सहूर होता ही नहीं [...]

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Technorati tags: तुलसीदास, छद्म सेक्युलरवाद, हाफ़ पैन्ट, tulsidas, pseudo secularism, pseudo half panti
काशी के तुलसी घाट की चर्चा करते हुए मैंने तुलसीदास द्वारा अयोध्या में कही गयी :

‘ माँग के खईबो , मसीद में सोईबो ‘

इस पंक्ति का जिक्र किया था । ‘पंगेबाज’ अरुण के गले नहीं उतरा तुलसीदास का अयोध्या में मस्जिद में सोना । [...]

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पॉल रॉब्सन व पीट सीगर
      पूरी दुनिया को वक्त - बेवक्त अभिव्यक्ति की आजादी का पाठ पढ़ाने वाला अमेरिका ! इन तीन अमेरिकी गायक - लेखक - राजनैतिक कर्मियों के जीवन - संघर्ष इस भ्रम को तोड़ते हैं । अपने शैशव में इन तीनों के गीत सुने , उनकी राम - कहानियाँ सुनीं ।
    गहन [...]

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