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Archive for November, 2007

    अफवाहों में सच का अंश होता है । कुछ ऐसा तत्व जो अफवाह को विश्वसनीय बना देता है । उत्तर प्रदेश के तीन जिला मुख्यालयों की कचहरियों में एक साथ हुए बम विस्फोटों के बाद हाल ही में हुईं दो घटनाओं से जनता ने इनका सम्बन्ध जोड़ा । आतंकी घटनाओं के पक्ष में कोई तर्क नहीं दिया जा [...]

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Technorati tags: तेलुगु कहानी, सत्यवती, telugu story, satyawati
    रात को खाना खाते समय उसने पति से पूछा , ‘सुनिए , मैं अपना नाम भूल गयी हूँ । आप को तो याद होगा , बताइए न ?’
    पति ने ठहाका मार कर कहा , ‘ क्या बात हो गई भई ! जो बात कभी नहीं पूछी [...]

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Technorati tags: तेलुगु कहानी, पी.सत्यवती, जे.एल.रेड्डी, telugu, short story, p. satyavati, j.l. reddy
[ समकालीन भारतीय साहित्य के जुलाई - सितंबर १९९५ अंक में यह कहानी प्रकाशित हुई थी । आभार सहित यहाँ प्रस्तुत है । ]
    गृहणी बनने से पहले वह एक लड़की थी । सुशिक्षित , चतुर , व्युत्त्पन्नमति । साथ ही चपल और [...]

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    उत्तर भारत की राजनीति पर नज़र रखने वाले बसपा के गाँधी-विरोधी तेवर से परिचित होंगे। राजनीति की इतनी खबर रखने वाले यह भी जानते होंगे कि नक्सलबाड़ी उत्तर बंगाल का वह गाँव है जहाँ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से अलग हो कर भा.क.पा. ( मा-ले ) की स्थापना हुई और इस नई जमात द्वारा ” बुर्जुआ लोकतंत्र को [...]

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Technorati tags: परिवर्तन, नारी सहभाग, चिट्ठेकारी
    बोध गया के महन्तों की सैंकड़ों एकड़ खेती की जमीन पर ‘जो जमीन को जोते बोए, वो जमीन का मालिक होवे’ के पुराने नारे के अनुरूप भूमिहीनों के हक की लड़ाई छात्र युवा संघर्ष वाहिनी ने लड़ी और जीती थी । इस आन्दोलन के दरमियान एक अन्य सूत्र भी [...]

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