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	<title>Comments on: &#8216;शेक्सपियर गुजर गए ,कीट्स नहीं रहे,मेरी तबीयत भी कुछ नासाज़-सी है&#8217;-मार्क ट्वेन</title>
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	<description>वैश्वीकरण विरोध हेतु</description>
	<pubDate>Tue, 13 May 2008 20:52:40 +0000</pubDate>
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		<title>By: उदय प्रकाश</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1222</link>
		<dc:creator>उदय प्रकाश</dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Mar 2008 15:15:46 +0000</pubDate>
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		<description>आपके स्वास्थ्य के लिये सच्ची हार्दिक शुभकामनायें...हमारे समय मे आपका सक्रिय और स्वस्थ होना अब और भी ज़रूरी है....
लौटें अपने काम पर ...लम्बी सान्स खीन्च कर....!
अनन्त..अनन्त...मन्गल कामनाये..</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आपके स्वास्थ्य के लिये सच्ची हार्दिक शुभकामनायें&#8230;हमारे समय मे आपका सक्रिय और स्वस्थ होना अब और भी ज़रूरी है&#8230;.<br />
लौटें अपने काम पर &#8230;लम्बी सान्स खीन्च कर&#8230;.!<br />
अनन्त..अनन्त&#8230;मन्गल कामनाये..</p>
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		<title>By: सृजन शिल्पी</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1218</link>
		<dc:creator>सृजन शिल्पी</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 12:20:43 +0000</pubDate>
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		<description>बीते दिनों आपकी सेहत की चिंता बनी रही, सफल शल्य चिकित्सा के बाद आप स्वस्थ होकर लौट आए और फिर से ब्लॉगिंग में सक्रिय हो रहे हैं, यह देखकर खुशी हो रही है। 

विशेषज्ञ चिकित्सा के क्षेत्र में चुनिंदा सरकारी संस्थानों की मौजूदगी अब भी कम आमदनी वाले मरीजों के लिए राहत की बात है, वरना पूरी तरह बाजार और व्यवसाय में तब्दील हो चुके निजी चिकित्सा क्षेत्र में किसी गंभीर रोग से ग्रसित गरीब आदमी के लिए इलाज करवाना बहुत दुष्कर हो गया है। 

आप अपने अनुभव लिखें, खासकर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संवेदनशीलता के बारे में सुनना अच्छा लगेगा, क्योंकि आजकल डॉक्टरों में यह गुण दुर्लभ होता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उन पर बहुत दबाव बढ़ रहा है और सरकार उस अनुपात में संसाधन बढ़ा नहीं रही है। 

स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के बारे में मेरे भी कुछ अनुभव हैं जो मैं कभी लिखना चाहूंगा। अभी तो आपकी इस यादगार लेख श्रृंखला को पढ़ने का मन है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>बीते दिनों आपकी सेहत की चिंता बनी रही, सफल शल्य चिकित्सा के बाद आप स्वस्थ होकर लौट आए और फिर से ब्लॉगिंग में सक्रिय हो रहे हैं, यह देखकर खुशी हो रही है। </p>
<p>विशेषज्ञ चिकित्सा के क्षेत्र में चुनिंदा सरकारी संस्थानों की मौजूदगी अब भी कम आमदनी वाले मरीजों के लिए राहत की बात है, वरना पूरी तरह बाजार और व्यवसाय में तब्दील हो चुके निजी चिकित्सा क्षेत्र में किसी गंभीर रोग से ग्रसित गरीब आदमी के लिए इलाज करवाना बहुत दुष्कर हो गया है। </p>
<p>आप अपने अनुभव लिखें, खासकर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संवेदनशीलता के बारे में सुनना अच्छा लगेगा, क्योंकि आजकल डॉक्टरों में यह गुण दुर्लभ होता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उन पर बहुत दबाव बढ़ रहा है और सरकार उस अनुपात में संसाधन बढ़ा नहीं रही है। </p>
<p>स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के बारे में मेरे भी कुछ अनुभव हैं जो मैं कभी लिखना चाहूंगा। अभी तो आपकी इस यादगार लेख श्रृंखला को पढ़ने का मन है।</p>
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		<title>By: arun</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1217</link>
		<dc:creator>arun</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 12:13:12 +0000</pubDate>
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		<description>स्वागत है जी हमे आपकी सेहत की बहुत चिंता है अत: आराम का भी ध्यान दे</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>स्वागत है जी हमे आपकी सेहत की बहुत चिंता है अत: आराम का भी ध्यान दे</p>
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		<title>By: Atul Kumar</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1216</link>
		<dc:creator>Atul Kumar</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 11:07:57 +0000</pubDate>
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		<description>सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों की जिस संवेदनशीलता का आप जिक्र कर रहे हैं, उसे और ऐसे संस्थानों को एक सुनियोजित नीति के तहत खत्म किया जा रहा है. कुछ सालों बाद ऐसी बातें शायद कहने- सुनने के लिए ही बचें.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों की जिस संवेदनशीलता का आप जिक्र कर रहे हैं, उसे और ऐसे संस्थानों को एक सुनियोजित नीति के तहत खत्म किया जा रहा है. कुछ सालों बाद ऐसी बातें शायद कहने- सुनने के लिए ही बचें.</p>
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		<title>By: Sanjeet Tripathi</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1215</link>
		<dc:creator>Sanjeet Tripathi</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 10:33:00 +0000</pubDate>
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		<description>अच्छा लगा कि आप न केवल स्वस्थ हो रहे हैं और लिखना भी शुरु!!
जल्द ही पूर्ण स्वस्थ हों यही कामना है!</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अच्छा लगा कि आप न केवल स्वस्थ हो रहे हैं और लिखना भी शुरु!!<br />
जल्द ही पूर्ण स्वस्थ हों यही कामना है!</p>
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	</item>
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		<title>By: संजय बेंगाणी</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1214</link>
		<dc:creator>संजय बेंगाणी</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 09:57:33 +0000</pubDate>
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		<description>देख कर अच्छा लग रहा है की आप स्वस्थ हो कर लौट आयें है.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>देख कर अच्छा लग रहा है की आप स्वस्थ हो कर लौट आयें है.</p>
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		<title>By: chandrabhushan</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1213</link>
		<dc:creator>chandrabhushan</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 09:53:10 +0000</pubDate>
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		<description>जल्दी स्वस्थ होकर लौटो अफलू दा। संजय गांधी पीजीआई में करीब दस साल पहले अपनी बहन के ऑपरेशन के सिलसिले में मेरे तजुर्बे भी आप से काफी मिलते-जुलते थे। वाकई शानदार और संवेदनशील स्टाफ है। सरकारी चिकित्सा नीतियां कल को इस संस्थान का न जाने क्या हाल करें। यहां दिल्ली में तो पांच सितारा निजी अस्पतालों के चर्चे सुन-सुनकर ही चक्कर आ जाते हैं। शीघ्र स्वास्थ्य की शुभकामनाओं सहित- आपका चंद्रभूषण</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जल्दी स्वस्थ होकर लौटो अफलू दा। संजय गांधी पीजीआई में करीब दस साल पहले अपनी बहन के ऑपरेशन के सिलसिले में मेरे तजुर्बे भी आप से काफी मिलते-जुलते थे। वाकई शानदार और संवेदनशील स्टाफ है। सरकारी चिकित्सा नीतियां कल को इस संस्थान का न जाने क्या हाल करें। यहां दिल्ली में तो पांच सितारा निजी अस्पतालों के चर्चे सुन-सुनकर ही चक्कर आ जाते हैं। शीघ्र स्वास्थ्य की शुभकामनाओं सहित- आपका चंद्रभूषण</p>
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		<title>By: प्रियंकर</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1212</link>
		<dc:creator>प्रियंकर</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 09:30:07 +0000</pubDate>
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		<description>अरे वाह !  स्वास्थ्य-लाभ के बाद मोटा भाई पुनः सक्रिय . आपकी कमी बहुत खल रही थी .

शिक्षा और स्वास्थ्य की सरकारी व्यवस्था के बचे-खुचे महत्व की उपेक्षा करने वाला, उसको दुरुस्त करने की सभी संभावनाओं को नकारने वाला और अन्ततः निजी फ़ाइव स्टार अस्पतालों की वकालत करने वाला उच्च-मध्य और उच्च वर्ग इस देश का दुश्मन है .  उसे देश की ज़मीनी सच्चाई का कुछ पता नहीं है .

आपके अनुभव मेरी धारणा को पुष्ट करते हैं .</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अरे वाह !  स्वास्थ्य-लाभ के बाद मोटा भाई पुनः सक्रिय . आपकी कमी बहुत खल रही थी .</p>
<p>शिक्षा और स्वास्थ्य की सरकारी व्यवस्था के बचे-खुचे महत्व की उपेक्षा करने वाला, उसको दुरुस्त करने की सभी संभावनाओं को नकारने वाला और अन्ततः निजी फ़ाइव स्टार अस्पतालों की वकालत करने वाला उच्च-मध्य और उच्च वर्ग इस देश का दुश्मन है .  उसे देश की ज़मीनी सच्चाई का कुछ पता नहीं है .</p>
<p>आपके अनुभव मेरी धारणा को पुष्ट करते हैं .</p>
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	<item>
		<title>By: kakesh</title>
		<link>http://samatavadi.wordpress.com/2008/03/11/sgpgibyepassresidents/#comment-1211</link>
		<dc:creator>kakesh</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2008 08:39:27 +0000</pubDate>
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		<description>आप जल्दी स्वस्थ होकर लौटें और आपकी लेखनी इसी तरह लोगों की खबर लेती रहे इसी उम्मीद में हैं.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आप जल्दी स्वस्थ होकर लौटें और आपकी लेखनी इसी तरह लोगों की खबर लेती रहे इसी उम्मीद में हैं.</p>
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