Feed on
Posts
Comments

Archive for June, 2008

अपनी जड़ें जमाने के बाद उपभोक्तावाद को नफ़ीस बनाने की माँग व्यापक होने लगती है । यूरोप और अमेरिका में सशक्त बन चुका उपभोक्ता आन्दोलन अक्सर सेहत और नैतिकता से जुड़े सवाल कारगार ढंग से उठाता है । पश्चिम के पर्यावरणवादी आन्दोलन में भी यूरोपवासियों की यह चिन्ता मुख्य है - ‘प्राकृतिक संसाधनों के सीमित [...]

Read Full Post »

विश्व खाद्य संकट परवान पर है - लगातार बढ़ रही  खाद्यान्न कीमतों ने जनता की टेंट से अरबों रुपए निचोड़ लिए हैं और यह माना जा रहा है कि १० करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे हैं ।
  इस परिस्थिति पर विचार करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा दुनिया के नेताओं का एक सम्मेलन इसी [...]

Read Full Post »