Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Archive for फ़रवरी 5th, 2009

‘ यह सिर्फ अफवाह ही हो सकती है कि सुबह नहीं होगी । ‘ इस सुस्पष्ट हकीकत को बयान करने की जरूरत क्यों पड़ी थी । अफवाह और अफवाह फैलाने वालों की विशिष्टता को समझाने के लिए कवि-मित्र राजेन्द्र राजन द्वारा २४ साल पहले हमारे चुनावी परचे में लिखा गया यह वाक्य कितना प्रभावी था [...]

Read Full Post »

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 327 other followers