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Archive for अप्रैल, 2009

भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ती गानेन्द्र नारायण रे ने आम चुनाव में मुष्टीमेय समाचार पत्रों द्वारा चुनाव रिपोर्टिंग की बाबत प्रेस परिषद के दिशा निर्देशों के खुले आम उल्लंघन को गंभीरता से लिया है । न्यायमूर्ती रे आज लखनऊ में हिन्दी समाचार-पत्र सम्मेलन के मीडिया सेन्टर के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने पधारे थे [...]

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दुनिया को परमाणु बिजली संयंत्र के राक्षसी स्वरूप का तार्रुफ़ चेर्नोबिल करा गया है । २६ अप्रैल , १९८६ को चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र का एक रिएक्टर विस्फोट के साथ फटा। २८०० डिग्री सेन्टिग्रेड की गर्मी से उसकी अग्निज्वाला भभक रही थी , रेडियोधर्मी विकिरण उगलती हुई । इस दुर्घटना की कल तेईसवीं बरसी है । [...]

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जो महत्व कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं के लिए मार्क्स और एंगेल्स के ’कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ का है ,बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा लाहौर के जाति तोड़क सम्मेलन(जिसमें आयोजकों ने उन्हें बुलाने के बाद फिर निमन्त्रण वापस ले लिया था) के लिए लिखे गये ’भारत में जाति-प्रथा का उच्छेद’ नामक पुस्तिका का जो महत्व हर समतावादी कार्यकर्ता के लिए [...]

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    मौजूदा आम चुनाव में पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख दैनिक ’हिन्दुस्तान’ तथा ’दैनिक जागरण’ द्वारा चुनाव रिपोर्टिंग के प्रेस परिषद द्वारा जारी दिशा निर्देशों की खुले आम धज्जियाँ उड़ाने के बारे में मैंने ४ अप्रैल , २००९ को लिखा था । प्रेस परिषद की शिकायत प्रक्रिया के तहत मैंने उक्त दैनिकों के सम्पादकों से [...]

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आज बाबासाहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जन्मतिथि है । इस जन्मतिथि की पूर्व सन्ध्या पर उनकी विचारधारा की कथित धरोहर पार्टी बहुजन समाज पार्टी के जौनपुर से प्रत्याशी माफिया धनन्जय सिंह ने एक अन्य दलित नेता बहादुर सोनकार की हत्या कर पेड़ पर लटका दिया । बहादुर सोनकर एक अन्य दलित नेतृत्व वाली पार्टी इन्डियन [...]

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प्रदेश की मुख्य मन्त्री बहन मायावती कल बनारस आईं और अपने दल के उम्मीदवार माफिया मोख्तार अन्सारी को ’अपराधी नहीं’ का प्रमाण – पत्र दे गईं ।   गुण्डई के खिलाफ़ चुनाव लड़ने का दावा कर रहे भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली जोशी के पक्ष में दाऊद इब्राहिम के साथी और और उत्तर प्रदेश [...]

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” हम एक अरसे से इस बात को मानने के आदी बन गये हैं कि आम जनता को सत्ता या हुकूमत सिर्फ़ धारासभाओं के (विधायिका) जरिये मिलती है । इस खयाल को मैं अपने लोगों की एक गंभीर भूल मानता रहा हूँ । इस भ्रम या भूल की वजह या तो हमारी जड़ता है या [...]

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काशी विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से जुड़े़ सभी बहुत फक्र से कहा करते थे कि यहाँ का विद्यार्थी गुंडों को हरा देता है । पूर्व अध्यक्ष और राजनारायण के निकट सहयोगी मार्कण्डेय सिंह के जमाने में गुंडा दामोदर सिंह हो अथवा बाद में मोहन प्रकाश के जमाने में माफ़िया वीरेन्द्र साही का सहयोगी उपेन्द्र विक्रम [...]

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प्रेस का यह कर्तव्य होगा कि चुनाव तथा प्रत्याशियों के बारे में निष्पक्ष रिपोर्ट दे । समाचारपत्रों से अस्वस्थ्य चुनाव अभियानों में शामिल होने की आशा नहीं की जाती । चुनावों के दौरान किसी प्रत्याशी , दल या घटना के बारे में अतिशियोक्तिपूर्ण रिपोर्ट न दी जाए । वस्तुत: पूरे मुकाबले के दो या तीन [...]

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दीवाल  -  लेखन  नहीं , परचे नहीं , नुक्कड़ सभायें पहले से कहीं कम , इसके बावजूद  चुनाव खर्च की ऊपरी सीमा में लगातार वृद्धि !  माना जा रहा है कि यह सब कदम गलत – राजनीति पर नकेल कसने के लिए लिए गए हैं ! पिछले ही रविवार को ही हिन्दुस्तान की सम्पादक मृणाल [...]

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