जब बुनियादी सवालों पर प्रमुख दलों में वैचारिक अन्तर न रह गया हो तब हार – जीत के नकली कारण प्रकट होने लगते हैं । उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की आशा से अधिक सफलता से प्रफुल्लित मनमोहन सिंह से लगायत छुटभैय्ये कांग्रेसी और उनकी मस्केबाजी करने वाले टेवि चर्चाकार बेशर्मी से क्या-क्या कह रहे हैं [...]
Archive for मई, 2009
कांग्रेस के झूठ को पहचानना जरूरी है
Posted in election, globalisation , privatisation, media, politics, recessation, samajwadi janparishad, tagged असली प्रतिपक्ष, आर्थिक नीतियां, कांग्रेस, परिवारवाद, राहुल गांधी, वंशवाद, congress, dynastic politics, economic policies, manamohan singh, rahul gandhi, real opposition on मई 16, 2009 | 26 Comments »
नर – नारी समता और निजी कानून (३) , ईसाई और पुर्तगाली कानून : ले. डॉ. स्वाति
Posted in common civil code, women, tagged christian personal law, portugese civil code, uniform civil code on मई 13, 2009 | 5 Comments »
इस लेख का – भाग एक , भाग दो ईसाई कानूनों की स्थिति दिलचस्प है । ईसाई विवाह अधिनियम ( 1872 ) व ईसाई तलाक अधिनियम ( 1869 ) अंग्रेजों द्वारा बनाये गये हैं । ये एक सदी से ज्यादा पुराने हो चुके हैं । इस सदी में हमारा पूरा समाज बदल चुका है [...]
नर-नारी समता और निजी कानून (२) : ले. डॉ. स्वाति
Posted in common civil code, samajwadi janparishad, women, tagged christian personal law, common civil code, hindu code bill, muslim personal law, personal law on मई 12, 2009 | 9 Comments »
पिछला भाग – एक हिंदु विवाह अधिनियम (1955 ) सतही तौर पर ’समता’ पर आधारित है । वह अदालत से तलाक मांगने का अधिकार स्त्री-पुरुष दोनों को देता है । 1976 के अधिनियम में तलाक के साधारण स्थापित कारकों के अलावा , क्रूरता (मानसिक/शारीरिक ), परित्याग करना व परस्पर रजामंदी भी तलाक के लिए पर्याप्त [...]
नर – नारी समता और निजी कानून : डॉ. स्वाति
Posted in common civil code, samajwadi janparishad, women, tagged adoption, christian personal law, Dr. Swati, guardianship, hindu code bill, indian civil law, inheritence, marriage law, muslim personal law, portugese civil code, uniform civil code, women on मई 11, 2009 | 11 Comments »
[ वरिष्ट अधिवक्ता एवं लोकप्रिय चिट्ठेकार दिनेशराय द्विवेदी ने कल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक नि:संतान हिन्दू विधवा द्वारा अर्जित सम्पत्ति पर विवाह के तीन माह बाद गुजर गये पति के वारिसों का हक मुकर्रर करने के फैसले का विवरण अपने चिट्ठे पर दिया था । दिनेशजी ने उक्त पोस्ट में फैसले की बारीकियों को अत्यन्त [...]
सूअर – ज्वर या सभ्यता – ज्वर ? (2) ले. सुनील
Posted in bio-terror, globalisation , privatisation, tagged civilisation, industrial farming, mexico, swine flu on मई 9, 2009 | 8 Comments »
पिछले हिस्से से आगे ए. काकबर्न नामक विद्वान ने दुनिया के मांस-इतिहास पर एक पेपर लिखा है, जिसमें संयुक्त राज्य अमरीका के एक प्रमुख सूअर-मांस उत्पादक राज्य उत्तरी केरोलीना के बारे में बताया है- “बदबूदार खाडियों के चारों और सूअरों के अंधेरे गोदाम बने हुए है, जिनमें उन्हें धातु के कटघरों में रखा जाता है [...]
सूअर-ज्वर या सभ्यता का ज्वर -? ले. सुनील्
Posted in bio-terror, globalisation, tagged civilisation, industrial farming, swine flu on मई 9, 2009 | 8 Comments »
पशुजन्य बिमारियो का नया आतंकवाद औद्योगिक पशुपालन से पैदा होती महामारियां दुनिया में अचानक एक नया आतंकवाद पैदा हो गया है। स्वाईन फ्लू या सुअर-ज्वर नामक एक नयी संक्रामक बीमारी से पूरा विश्व बुरी तरह आतंकित दिखाई दे रहा है। कई देशो में हाई-अलर्ट कर दिया गया है। हवाई अड्डो पर विशेष जांच की जा [...]
प्रजातंत्र और धनतंत्र : लेखक – किशन पटनायक
Posted in capitalism, election, globalisation, tagged किशन पटनायक, धनतंत्र, लोकतंत्र on मई 3, 2009 | 6 Comments »
Technorati tags: प्रजातंत्र, लोकतंत्र, जनतंत्र, धनतंत्र, किशन पटनायक, चुनाव ( जून , २००४ )। भारत में चुनाव आता है तो धनतंत्र की स्थिति देखकर मन में एक प्रकार की मायूसी आती है । क्या इस चक्रव्यूह का भेदन किया जा सकता है ? कभी भेद लेंगे तो सही सलामत लौट भी पायेंगे ? मूलभूत [...]
स्विस बैंक ने खाते उद्घाटित करने से इन्कार किया
Posted in swiss banks, usa, tagged गोपनीय खाते, स्विस बैंक on मई 1, 2009 | 4 Comments »
स्विट्जरलैण्ड के सबसे बड़े बैंक यूबीएस ने एक अमेरिकी अदालत से कहा है कि वह स्विस बैंकों में खाता रखने वाले ५०,००० ग्राहकों पर चल रहे मुकदमे को आगे न बढ़ाये । यूबीएस ने फ़्लोरिड़ा की एक संघीय अदालत को बता दिया है कि यदि वह अपने ग्राहकों के बारे में सूचनाएं प्रदान करेगा तो [...]
