[ इस चिट्ठे के पाठक हमारे दल समाजवादी जनपरिषद की प्रान्तीय उपाध्यक्ष साथी शमीम मोदी की हिम्मत और उनके संघर्ष से अच्छी तरह परिचित हैं । हिन्दी चिट्ठों के पाठकों ने शमीम की जेल यात्रा के दौरान उनके प्रति समर्थन भी जताया था ।
गत दिनों उन्होंने प्रतिष्ठित शोध संस्थान टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज़ ,मुम्बई में बतौर एसिस्टेन्ट प्रोफेसर काम करना शुरु किया है । वे अपने बेटे पलाश के साथ मुम्बई के निकट वसई में किराये के फ्लैट में रह रही थीं ।
मध्य प्रदेश की पिछली सरकार में मन्त्री रहे जंगल की अवैध कटाई और अवैध खनन से जुड़े माफिया कमल पटेल के कारनामों के खिलाफ़ सड़क से उच्च न्यायालय तक शमीम ने बुलन्द आवाज उठाई । फलस्वरूप हत्या के एक मामले में कमल पटेल के लड़के को लम्बे समय तक गिरफ़्तारी से बचा रहने के बाद हाल ही में जेल जाना पड़ा ।
गत दिनों जिस हाउसिंग सोसाईटी में वे रहती थीं उसीके चौकीदार द्वारा उन पर चाकू से प्राणघातक हमला किया गया । शमीम ने पूरी बहादुरी और मुस्तैदी के साथ हत्या की नियत से हुए इस हमले का मुकाबला किया । उनके पति और दल के नेता साथी अनुराग ने इसका विवरण भेजा है वह दहला देने वाला है । हम शमीम के साहस , जीवट और हिम्मत को सलाम करते हैं । आप सबसे अपील है कि महाराष्ट्र के मुख्यमन्त्री को पत्र या ईमेल भेजकर हमलावर की गिरफ़्तारी की मांग करें ताकि उसके पीछे के षड़यन्त्र का पर्दाफाश हो सके । कमल पटेल जैसे देश के शत्रुओं को हम सावधान भी कर देना चाहते हैं कि हम गांधी - लोहिया को अपना आदर्श मानने वाले जुल्मी से टकराना और जुल्म खत्म करना जानते हैं । प्रस्तुत है अनुराग के पत्र के आधार पर घटना का विवरण । ]
मित्रों ,
यह शमीम ही थी जो पूरे शरीर पर हुए इन घातक प्रहारों को झेल कर बची रही । ज़ख्मों का अन्दाज उसे लगे ११८ टाँकों से लगाया जा सकता है । घटना का विवरण नीचे मुताबिक है -
२३ जुलाई को हाउसिंग सोसाइटी का चौकीदार दोपहर करीब सवा तीन बजे हमारे किराये के इस फ्लैट में पानी आपूर्ति देखने के बहाने आया । शमीम यह गौर नहीं कर पाई कि घुसते वक्त उसने दरवाजा अन्दर से लॉक कर दिया था । फ्लैट के अन्दर बनी ओवरहेड टंकी से पानी आ रहा है या नहीं यह देखते वक्त वह शमीम का गला दबाने लगा। उसकी पकड़ छुड़ाने में शमीम की दो उँगलियों की हड्डियाँ टूट गईं । फिर उसके बाल पकड़कर जमीन पर सिर पटका और एक बैटन(जो वह साथ में लाया था) से बुरी तरह वार

भोपाल में शमीम की रिहाई के लिए
करने लगा । वह इतनी ताकत से मार रहा था कि कुछ समय बाद वह बैटन टूट गया । शमीम की चोटों से बहुत तेजी से खून बह रहा था । शमीम ने हमलावर से कई बार पूछा कि उसे पैसा चाहिए या वह बलात्कार करना चाहता है । इस पर वह साफ़ साफ़ इनकार करता रहा । शमीम ने सोचा कि वह मरा हुआ होने का बहाना कर लेटी रहेगी लेकिन इसके बावजूद उसने मारना न छोड़ा तथा एक लोहा-काट आरी (जो साथ में लाया था ) से गले में तथा कपड़े उठा कर पेट में चीरा लगाया । आलमारी में लगे आईने में शमीम अपनी श्वास नली देख पा रही थी । अब शमीम ने सोचा कि बिना लड़े कुछ न होगा । उसने हमालावर से के हाथ से आरी छीन ली और रक्षार्थ वार किया । इससे वह कुछ सहमा और उसने कहा कि रुपये दे दो । शमीम ने पर्स से तीन हजार रुपये निकाल कर उसे दे दिए । लेकिन उसने एक बार भी घर में लॉकर के बारे में नहीं पूछा । अपने बचाव में शमीम ने उससे कहा कि वह उसे कमरे में बाहर से बन्द करके चला जाए । वह रक्तस्राव से मर जाएगी । शमीम अपना होश संभाले हुए थी । वह पलाश के कमरे में बन्द हो गयी (जो कमरा हकीकत में अन्दर से ही बन्द होता है )। हमलावर बाहर से कुन्डी लगा कर चला गया । शमीम ने तय कर लिया था कि वह होशोहवास में रहेगी और हर बार जब वह चोट करता , वह उठ कर खड़ी हो जाती । हमलावर के जाने के बाद वह कमरे से बाहर आई और पहले पड़ोसियों , फिर मुझको और अपने माता-पिता को खबर दी। अस्पताल ले जाते तक वह पूरी तरह होश में रही ।

दाँए से बाँए:शमीम,पन्नालाल सुराणा,स्मिता
कुछ सवाल उठते हैं : चौकीदार ने लॉकर खोलने की कोशिश नहीं की जो वहीं था जहाँ वह शमीम पर वार कर रहा था । उसने पैसे कहां रखे हैं इसके बारे में बिलकुल नहीं पूछा । वह गालियाँ नहीं दे रहा था और उसके शरीर को किसी और मंशा से स्पर्श नहीं कर रहा था । यदि वह मानसिक रोगी या वहशी होता तो शायद शमीम उससे नहीं निपट पाती । वह सिर्फ़ जान से मारने की बात कह रहा था । शमीम के एक भी सवाल का वह जवाब नहीं दे रहा था । सेल-फोन और लैपटॉप वहीं थे लेकिन उसने उन्हें नहीं छूआ । इन परिस्थितियों में हमें लगता है कि इसके पीछे कोई राजनैतिक षड़यन्त्र हो सकता है ।
शमीम को मध्य प्रदेश के पूर्व राजस्व मन्त्री कमल पटेल और उसके बेटे सन्दीप पटेल से जान से मारने की धमकियाँ मिलती रही हैं । इसकी शिकायत हमने स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस महानिदेशक से की हैं । मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर २००५ की शुरुआत से २००७ के अन्त तक उसे सुरक्षा मुहैय्या कराई गई थी । इसलिए हमें उन पर शक है । हमले के पीछे उनका हाथ हो सकता है ।
पेशेवर तरीके से कराई गयी हत्या न लगे इस लिए इस गैर पेशेवर व्यक्ति को इस काम के लिए चुना गया होगा । जब तक राकेश नेपाली नामक यह हमलावर गिरफ़्तार नहीं होता वास्तविक मन्शा पर से परदा नहीं उठेगा ।
हम सबको महाराष्ट्र शासन और मुख्यमन्त्री पर उसकी गिरफ़्तारी के लिए दबाव बनाना होगा ।
अनुराग मोदी
शमीम मोदी के संघर्ष से जुड़ी खबरें और आलेख :
’सत्याग्रही’ शिवराज के राज में

यह मामला बहुत ही खतरनाक है। इस हमले का पर्दाफाश होना ही चाहिए। और असल अपराधी सामने लाए जाने चाहिए।
शमीम मोदी की हिम्मत को सलाम। घटनाक्रम से साफ जाहिर है कि उन पर हमला हत्या के इरादे से किया गया।
संभव हो तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का ईमेल पता (हो तो ) या संबंधित लिंक आलेख के साथ दे दें।
Please do immediately publish the Email Addresses of Chief Minister, Home Minister, Chief Secretary & DG (Police) of Maharashtra; also of Commissioner of Mumbai Police, Home Minister (India) etc. So that readers can send messages to these people. Some one may please make an “Online Petition” to these important people. It is very easy for readers to sign “Online Petition”.
शमीम की सेहत के लिए दुआ. आज देश के निहत्थे नागरिक समाज को उनकी सख़्त ज़रूरत है. उन पर यह हमला ‘सुपारी’ देकर संसाधनों की लूट-खसोट कर रहे भ्रष्ट और अपराधी ‘राजनीतिक-तंत्र’ द्वारा एक ईमानदार और संघर्षशील नागरिक पर हमला है.
इसकी जांच होनी चाहिए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक को गहराई से इसकी जांच करनी चाहिए.
प्रिय अफलातून व अन्य साथियों,
शमीम पर आक्रमण देश के अंदर व्यापक सत्ता से जुड़े वर्गों द्वारा आतंकवाद का उदाहरण है। कमल पटेल और उनके माफिया को तालिबानी माना जाना चाहिए। आप संघर्ष जारी रखें। इस पर और लिखें और देश के हर कोने में इसे लोगों तक ले जाएँ।
Roman lipi mein likhne ki muaafi chahti hoon.
Shamim ke jivat va sangharsh o salaam.Uski himmat prerna dene waali hain.
Agar maharashtra ke CM ka link mil jaaye,toh waqai achha ho.
Achhe va saarthak post ke liye dhanyavaad.
Swati
प्रतिवाद तथा कार्रवाई की मांग के लिए , इन्हें लिख सकते हैं :
मुख्यमन्त्री : chiefminister@maharashtra.gov.in, ashokchavanmind@rediffmail.com
पुलिस कमीशनर, ठाणे : police@thanepolice.org
प्रिय अफलातून ,
शमीम पर आक्रमण देश के अंदर व्यापक सत्ता से जुड़े वर्गों द्वारा आतंकवाद का उदाहरण है। शमीम मोदी की हिम्मत को सलाम। घटनाक्रम से साफ जाहिर है कि उन पर हमला हत्या के इरादे से किया गया। कमल पटेल जैसे देश के शत्रुओं को आतंकवाद माना जाना चाहिए।
दिल दहला देने वाली है यह घटना..
शमीम मोदी की हिम्मत को नमन है और उनकी जल्द रिकवरी की कामना करता हूँ।
ईमेल कर रहा हूँ।
शमीम पर हुआ यह हमला एक सामान्य अपराध नहीं लगता। समाज के लिए काम करने वाली इस साहसी स्त्री की आवाज को बन्द करवाने का प्रयास ही नजर आता है। परन्तु सौभाग्य से हत्या का प्रयास करने वाले व्यक्ति को शायद उनके साहस और जीवट का अनुमान नहीं था। यदि कोई साधारण स्त्री होती तो यह सब बताने के लिए बची न रहती।
आशा है कि चौकीदार पकड़ा जाएगा और सत्य सामने आएगा।
शमीम जल्द ठीक होकर दुगने जोश के साथ अपना संघर्ष कर सकें व सफल हों, यही कामना करती हूँ।
घुघूती बासूती
दहला देने वाली घटना है, दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए, शमीम जी का साहस और जीवट अद्वितीय है.
शर्मनाक और दिल दहलाने वाली घटना, भगवान से प्रार्थना है कि शमीम जी जल्द से जल्द ठीक हो जाएं और अपनी मुहिम जारी रखें। अपराधी को सजा मिलनी ही चाहिए और उसके आकाओं को भी ।
शमीम पर आक्रमण दिल दहला देने वाली घटना है। गहराई से इसकी जांच होनी चाहिए। दोषियों को सज़ा मिलने तक संघर्ष जारी रहना चाहिए।
shamim ji per hue hamle ki jitni ninda ki jaye kam hai. unki jeevata kabile tarife hai. SPS ki aur se unke swastha labh ki shubkamnaye. ( Get well soon )
हमले की प्रकृति से बिल्कुल साफ़ है कि हमला करवाया गया है. रिपोर्ट में यह नहीं है कि वह चौकीदार अभी कहां है. जेल में या फ़रार. मारने पीटने के बाद वह जिन्दा छोड़कर क्यों चला गया.
@ अतुल , चौकीदार फरार है । हाउसिंग सोसाईटी ने निजी सुरक्षा एजेन्सी से उसे काम पर लगाया था । सुरक्षा एजेन्सी से पुलिस द्वारा पूछताछ की गई। कुछ नया हुआ तो यहाँ सूचना दूँगा । अब तक पुलिस का कोई वरिष्ट अधिकारी शमीम से मिलने नहीं आया ।
बहुत ही वहशियाना हरकत है, इसकी जितनी निंदा की जाये कम है, जल्दी से जल्दी पुलिस इस मामले में कार्रवाई करे। आपके दिये ईमेल पतों पर शिकायती मेल भेज दिया है… शमीम जी जल्द स्वस्थ हों यही कामना…
स्तब्ध हूं . हमें महाराष्ट्र प्रशासन पर दबाव बनाना चाहिए ताकि हमलावर को जल्दी से जल्दी पकड़ा जा सके और उसके पीछे छुपे सफेदपोश षड़यंत्रकारी भी पकड़ में आएं .
नमन है शमीम की बहुदरी को .इश्वर से प्राथना है उनका ये जज्बा कायम रहे ….पर यही एक ऐसी दुनिया का सच ब्यान करता है जो वीभत्स है…अँधेरी भी
दिमाग झनझाना गया है इस वीभत्स घटना को पढ कर.
अब तबियत कैसी है शमीम जी की ?
hum kis samaj ma rah rahe ? ab awaj ko dabane k liya log kis had tak gir gaye hai. lakin bahen shameem ko chup karna aashan nahi, wo phir takat sa khadi hongi.
[...] प्रदेश की उपाध्यक्ष शमीम मोदी पर गत २३ जुलाई को कातिलाना हमला हुआ था । शमीम ने आशंका प्रकट की थी कि [...]
[...] शमीम मोदी पर प्राण घातक हमला [...]
[...] शमीम मोदी पर प्राण घातक हमला [...]
[...] शमीम मोदी पर प्राण घातक हमला [...]