हिन्दुस्तानी में कहावत है – खोदा पहाड़ निकली चुहिया – लम्बे तथा कठिन रियाज के बाद जब नतीजा अपेक्षतया बहुत कम निकलता है – उन हालात में इस मुहावरे का इस्तेमाल किया जाता है । न्यायमूर्ती एम.एस. लिबर्हान ने १७ साल परिश्रम किया जिस दरमियान शुरुआती तीन माह की नियुक्ति के उनके कार्यकाल को ४० [...]
Archive for नवम्बर, 2009
आर.एस.एस , भाजपा को कुम्हला देने वाले आरोप , लेकिन कार्यवाही की सिफारिश – सिफ़र ! – सिद्धार्थ वरदराजन , डेप्युटी एडिटर – द हिन्दू द्वारा समाचार विश्लेषण
Posted in communalism, criminalisation, half pant, politics, terrorism, tagged बाबरी मस्जिद, लिबर्हान, वरदराजन, संघ, संयुक्त उद्यम, सिद्धार्थ on नवम्बर 28, 2009 | 13 Comments »
कुमारेन्द्र सेंगर चाहते क्या हैं?महान स्त्रियों के बारे में बताना या स्त्रियों को नीचा दिखाना?
Posted in women, tagged चोखेर बाली, राष्ट्रीय आन्दोलन, सामाजिक परिवर्तन, स्त्री-पुरुष समता, स्त्री-मुक्ति on नवम्बर 25, 2009 | 14 Comments »
कभी कभी हम कोई अच्छा काम करना भी चाहते हैं तब भी यदि हमारी नीयत साफ न हो तो वह प्रयत्न व्यर्थ जाता है। यही सेंगर जी के प्रयास के साथ हुआ। वैसे यह भी मुमकिन है कि वे अच्छा नहीं करना चाहते थे इसीलिए अच्छे उपाय अपना कर उसमें उलझ गये हैं । मैं [...]
इरोम शर्मिला का सत्याग्रह:सैन्य दमन के खिलाफ़ बहादुराना प्रतिरोध
Posted in North-East, women, tagged afspa, hunger-strike, irome, manipur, sharmila on नवम्बर 3, 2009 | 23 Comments »
यह मणिपुरी कवियत्री और कार्यकर्ता ईरोम शर्मिला चनू की भूख हड़ताल का दसवां साल है । शर्मिला अपने राज्य में पिछले ५१ सालों से लागू आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट , १९५८ ( सैन्य बल विशेष शक्तियाँ कानून , १९५८ ) या ” आफ़्स्पा ” के खिलाफ़ सत्याग्रह कर रही हैं। इस राक्षसी कानून के [...]
शिवराज सरकार का दमनकारी चेहरा
Posted in विस्थापन, displacement, samajwadi janparishad, women, tagged alok agraval, arrests, आलोक अग्रवाल, खंडवा, चित्तरूपा, दमनचक्र, नर्मदा बचाओ आन्दोलन, रामकुंवर, chittarupa, khandwa, nba, police raid, ramkunwar on नवम्बर 2, 2009 | 2 Comments »
नर्मदा बचाओ आन्दोलन का २८ अक्टूबर का ज्ञापन प्रति, श्री शिवराजसिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल म.प्र. विषय : इंदिरा सागर परियोजना व औंकारेश्वर बाँध प्रभावितों के पुनर्वास बाबत् द्वारा : जिला कलेक्टर, खण्डवा, म.प्र. माननीय, नर्मदा घाटी में बन रहे इंदिरा सागर और औंकारेश्वर बाँध के हजारों प्रभावित आज खण्डवा जिला मुख्यालय पर [...]
क्या माओवादियों ने चीन के विकास पर ध्यान दिया ? -सच्चिदानन्द सिन्हा
Posted in capitalism, consumerism, corporatisation, displacement, gandhi, globalisation, industralisation, jharkhand, Maoist Ideology, samajwadi janparishad, tribal, tagged 'limitation of maoist ideology', capitalism, gandhi, mao on नवम्बर 1, 2009 | 6 Comments »
पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व की प्रधानता है , लेकिन धीरे धीरे उद्योगों का यह ढांचा , जो वृहद कॉर्पोरेशनों के रूप में विकसित हुआ है , पूंजीपतियों के व्यक्तिगत नियन्त्रण से मुक्त हो एक स्वतंत्र स्वरूप धारण करने लगा है [...]
