Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Archive for नवम्बर, 2009

हिन्दुस्तानी में कहावत है – खोदा पहाड़ निकली चुहिया – लम्बे तथा कठिन रियाज के बाद जब नतीजा अपेक्षतया बहुत कम निकलता है – उन हालात में इस मुहावरे का इस्तेमाल किया जाता है । न्यायमूर्ती एम.एस. लिबर्हान ने १७ साल परिश्रम किया जिस दरमियान शुरुआती तीन माह की नियुक्ति के उनके कार्यकाल को ४० [...]

Read Full Post »

कभी कभी हम कोई अच्छा काम करना भी चाहते हैं तब भी यदि हमारी नीयत साफ न हो तो वह प्रयत्न व्यर्थ जाता है। यही सेंगर जी के प्रयास के साथ हुआ। वैसे यह भी मुमकिन है कि वे अच्छा नहीं करना चाहते थे  इसीलिए अच्छे उपाय अपना कर उसमें उलझ गये हैं । मैं [...]

Read Full Post »

यह मणिपुरी कवियत्री और कार्यकर्ता ईरोम शर्मिला चनू की भूख हड़ताल का दसवां साल है । शर्मिला अपने राज्य में पिछले ५१ सालों से लागू आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट , १९५८ ( सैन्य बल विशेष शक्तियाँ कानून , १९५८ ) या ” आफ़्स्पा ” के खिलाफ़ सत्याग्रह कर रही हैं। इस राक्षसी कानून के [...]

Read Full Post »

नर्मदा बचाओ आन्दोलन का २८ अक्टूबर का ज्ञापन प्रति, श्री शिवराजसिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल म.प्र. विषय : इंदिरा सागर परियोजना व औंकारेश्वर बाँध प्रभावितों के पुनर्वास बाबत् द्वारा : जिला कलेक्टर, खण्डवा, म.प्र. माननीय, नर्मदा घाटी में बन रहे इंदिरा सागर और औंकारेश्वर बाँध के हजारों प्रभावित आज खण्डवा जिला मुख्यालय पर [...]

Read Full Post »

पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व की प्रधानता है , लेकिन धीरे धीरे उद्योगों का यह ढांचा , जो वृहद कॉर्पोरेशनों के रूप में विकसित हुआ है , पूंजीपतियों के व्यक्तिगत नियन्त्रण से मुक्त हो एक स्वतंत्र स्वरूप धारण करने लगा है [...]

Read Full Post »

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 327 other followers