वरिष्ट समाजवादी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अश्विनी कुमार कल रात गुजर गये । वे पिछले कुछ समय से सदर अस्पताल गोरखपुर में भर्ती थे । वे ८२ वर्ष के थे । राष्ट्रीय आन्दोलन में उनकी पहली भागीदारी हुई थी जब कक्षा नौ के छात्र थे । अश्विनी कुमार ’भारत छोड़ो आन्दोल” के दौरान भी जेल में रहे । आज़ादी के बाद जब समाजवादियों ने कांग्रेसियों से अलग होकर सोशलिस्ट पार्टी का गठन किया तब वे जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में इस दल में शामिल हो गये । नागपुर में १९५६ में जब इस दल का विभाजन हुआ तब वे डॉ. लोहिया के नेतृत्व में रहे । आजादी के बाद हुए समाजवादी आन्दोलनों और जन आन्दोलनों में वे एक दर्जन बार जेल गये । १९६७ की गैर कांग्रेसवादी लहर में गोरखपुर जिल्रे के कौड़ीराम विधान सभा क्षेत्र से सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गये थे ।
१९७९ से १९९० तक वे सोशलिस्ट पार्टी (रमाकान्त पाण्डे) से जुड़े रहे । साथी विष्णुदेव गुप्त के सम्पर्क और प्रयास के फलस्वरूप अश्विनी कुमार समाजवादी जनपरिषद की स्थापना के समय से इसमें शरीक हुए । वे मृत्यु परन्त सजप में सक्रिय रहे । वे दो बार दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुने गये थे । उनका जीवन अत्यन्त सादगीपूर्ण था । बढ़्ती उम्र के बावजूद वे दल तथा जन आन्दोलन के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यक्रमों में जरूर पहुँचते थे । दल की सदस्यता बनाने में उन्होंने हमेशा अनुकरणीय रुचि ली तथा अपने प्रभाव से उन्होंने तरुणों को दल से जोड़ा ।
कार्यक्रमों ,प्रस्तावों की बाबत अश्विनी कुमार हमेशा अपनी पैनी विश्लेषणात्मक मेधा और लम्बे राजनैतिक तजुर्बे से अपने विचार बुलन्दी से दल के मंच पर रखते थे ।
अश्विनी कुमार ने आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की थी तथा कुछ समय अध्यापन भी किया था ।
दल के प्रान्तीय महामन्त्री विक्रमा मौर्य ने आज जब उनसे नये साल पर शुभ कामना देने के लिए सम्पर्क किया तब यह दुखद समाचार उन्हें प्राप्त हुआ । खबर सुनते ही विक्रमा मौर्य ,जयप्रकाश सिंह , जीतेन्द्र त्यागी आदि दल के साथी अश्विनी कुमारजी के कार्यक्षेत्र कौड़ीराम पहुंच गये ।


bhagwaan unki aatma ko shaanti pradan kare
नए साल पर दुखद समाचार. अश्विनी जी को श्रद्धांजलि. उनसे १४-१५ साल का परिचय था. जब भी मिलते थे आत्मियता से कुशल पूछते थे. उनका वाराणसी में कहा याद है कि कार्यकारिणी बहसकारिणी नहीं है. अश्विनी जी को आखिरी प्रणाम. रात मैं गोरखपुर में ही ट्रेन में था.
अतुल
अश्विनि जी की कि मृत्यु कि खबर दुखद है।
ईश्वर उनके परिवार को शान्ति दे। समाजवादी जनपरिषद के लोग उनके ख्यालो से प्रेरित होते रहेंगे।
स्वाति
अश्वनी कुमारजी को विनम्र श्रद्धांजलि!
अश्विनी जी का निधन एक बड़ी क्षति है । उनकी सादगी , प्रतिबद्धता और प्रखर मेधा ने मुझे प्रभावित किया । समाजवादी जनपरिषद के वरिष्ट नेता को मेरी विनम्र श्रद्धान्जली ।
प्रेम सिंह
विनम्र श्रद्धांजलि!
श्रद्धांजलि!
हमारी भी विनम्र श्रद्धांजलि !
आदर के साथ श्रद्धांजलि !
meri vinamra shradhanjali.
समाजवाद के स्तम्भीय व्यक्तित्व: अश्विनी जी के कार्य को जारी रखना ही उनको सच्ची श्रद्धान्जली होगी ।
सलाम उस रूह को जो बिछड़ गई जिस्म से और ना जाने कहाँ चली गयी यादें बिखराकर ।
साथी अश्विनी कुमार समाजवादी जन परिषद् के बुज़ुर्ग एवं अनुभवी नेता थे
उनकी जीवटता और कर्मठता हमें हमेशा प्रेरणा देती थी
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं संग्रामी समाजवादी अश्विनी जी की स्मृति को शत शत नमन
इन्कलाब जिंदाबाद
गोपाल राठी
समाजवादी जन परिषद्
सांडिया रोड, पिपरिया 461775
मोबाइल न.09425608762, 09425408801
अश्विनि जी की कि मृत्यु कि खबर दुखद है।
ईश्वर उनके परिवार को शान्ति दे। समाजवादी उनके ख्यालो से प्रेरित होते रहेंगे।
उनकी जीवटता और कर्मठता हमें हमेशा प्रेरणा देती थी
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं संग्रामी समाजवादी अश्विनी जी की स्मृति को शत शत नमन
इन्कलाब जिंदाबाद
वरिष्ठ समाजवादी नेता और स्वाधीनता सेनानी अश्विनी कुमार जी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि . वे उस विरल पीढी के प्रतिनिधि थे जिसकी सादगी,संघर्ष और मेधा से हम प्रेरणा पाते हैं .
उनके अधूरे कामों को हम आगे ले जाने में सक्षम हों, यही हम सब की आरज़ू हो!
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