खबर है कि भारत सरकार ने देश में नए 1000 मॉडल स्कूल खोलने का फैसला किया है। शैक्षिक रुप से पिछडे़ इलाकों में एक प्रखण्ड में एक मॉडल स्कूल खोला जाएगा। इसके पहले नवंबर 2008 में 2500 मॉडल स्कूलों की स्वीकृति दी गई थी। कुल मिलाकर देश में 6000 मॉडल स्कूल खोलने की योजना है, [...]
Archive for अप्रैल, 2010
लाड़ले और सौतेले बच्चे (मॉडल स्कूल या शिक्षा का दोषपूर्ण मॉडल) – सुनील –
Posted in common school system, education bill, tagged नवोदय, मॉडल स्कूल, elitism, model school, navodaya on अप्रैल 28, 2010 | 2 Comments »
एनजियोकरण और विदेशी हाथ / सुनील
Posted in ngoisation on अप्रैल 19, 2010 | 7 Comments »
दंतेवाड़ा की घटना के बाद एक बार फिर माओवाद और उग्रवाद के पीछे विदेशी हाथ खोजने की कोशिश शुरु हो गई है। हथियार कहां से और किस रास्ते से आ रहे हैं, इसके अनुमान लगाए जा रहे हैं। इंटरनेट पर एक सज्जन ने पिछले सालों में स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलने वाले विदेशी धन के गृह [...]
दन्तेवाड़ा (२) : विकल्प की चुनौतियाँ / सुनील
Posted in नक्सलवादी, विस्थापन, displacement, globalisation, Maoist Ideology, tribal on अप्रैल 15, 2010 | 17 Comments »
पिछला हिस्सा इन छोटे-छोटे जनांदोलनों की जो कमी या विफलता है, वह यह है कि वे मिलकर व्यवस्था-परिवर्तन की कोई बड़ी धारा नहीं बना पा रहे हैं। एक-एक मुद्दे वाले इन आंदोलनों में कई बार वैचारिक-राजनैतिक दृष्टि का अभाव रहता है। इसीलिए वे कोई बड़ी शक्ल नहीं ले पा रहे हैं और कोई निरंतरता भी [...]
दन्तेवाड़ा की जड़ें / सुनील
Posted in नक्सलवादी, विस्थापन, displacement, gandhi, Maoist Ideology, tribal, tagged arundhati roy, अरुंधती राय, आदिवासी, जंगल पर हक, दन्तेवाड़ा, नक्सलवाद, नक्सलवादी, माओ, सुनील, dantewada, green hunt, mao, maoist, Maoist Ideology, naxalite, sunil on अप्रैल 15, 2010 | 21 Comments »
[ स्कूल के दौरान ही सुनील को गाँधीजी की आत्मकथा मिली थी और वे उससे प्रभावित हुए थे। मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान पाने के बाद एक छोटे कस्बे से ही उन्होंने स्नातक की उपाधि ली। देश के अभिजात विश्वविद्यालय माने जाने वाले - जनेवि में दाखिला पाया । विद्यार्थी [...]
बाबा साहब अम्बेडकर का एक जरूरी व्याख्यान
Posted in ambedkar, chikitsa, politics, tagged ambedkar, अम्बेडकर, आम्बेडकर, जस्टिस पार्टी, बाबा साहब, मद्रास, justice party, madras on अप्रैल 14, 2010 | 12 Comments »
[ मद्रास के प्रसिद्ध पत्र संडे आबजर्वर के सम्पादक श्री पी. बालासुब्रम्ण्या ने बाबा साहब के सम्मान में , २३ दिसम्बर १९४४ को वहाँ के कन्नेमारा होटल में एक लंच दिया था । ] मित्रों ,जहाँ तक मैंने अध्ययन किया है , मैं कह सकता हूँ कि मद्रास की अब्राह्मण-पार्टी का संगठन भारत के इतिहास [...]
हिंसक रणनीति की सीमा
Posted in नक्सलवादी, globalisation, industralisation, jayaprakash narayan, Maoist Ideology, odisha, terrorism, tagged चे ग्वारा, जयप्रकाश नारायण, नक्सलवाद, माओ on अप्रैल 6, 2010 | 6 Comments »
* ” जो सरकार किसी भी प्रकार के लोकमत से चुनी गई हो ,चाहे वह फर्जी लोकमत ही क्यों न हो तथा कम से कम संवैधानिक- कानूनी दिखने वाली होगी वहाँ गुरिल्ला विद्रोह को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता,चूँकि शान्तिपूर्ण संघर्ष की संभावनाओं को पूरी तरह आजमाया नहीं जा चुका होता है । ” चे [...]
खनिज सम्पदा की लूट और कलिंगनगर पर दूसरा हमला
Posted in विस्थापन, corporatisation, criminalisation, displacement, globalisation , privatisation, industralisation, odisha, tribal, tagged ओडिशा, कलिंगनगर, दमनचक्र, kalinganagar on अप्रैल 2, 2010 | 13 Comments »
पिछले साल नौ सितम्बर को ’ब्लैक रोज़’ नामक मंगोलियाई पानी का एक बड़ा जहाज ओड़िशा के पारादीप बन्दरगाह के निकट डूब गया । जहाज में हजार २३८४७ टन लौह अयस्क लदा था । जिनका माल लदा था उन्होंने यह कबूल कर लिया कि एक अन्य जहाज ’टोरोस पर्ल’ के दस्तावेजों को जमाकर उन्होंने पारादीप बन्दरगाह [...]
