समाजवादी जनपरिषद रा्ष्ट्रीय सचिव उपाध्यक्ष जोशी जेकब आज सुबह केरल की रा्जधानी तिरुअनंतपुरम में गिरफ़्तार कर लिए गए । आज वहाँ राष्ट्रमण्डल खेल से जुड़ी मशाल जिसे क्वीन्स बैटन कहा जाता है पहुंच रही है । जोशी जेकब गुलामी और फिजूलखर्ची के इस प्रतीक के विरोध में दल द्वारा आयोजित धरने का नेतृत्व कर रहे थे ।
केरल में वाम मोर्चे की सरकार है । इस पार्टी की शीर्ष नेता प्रकाश कारत और सीताराम येचुरी अपने पूरी राजनैतिक कैरियर में एक घण्टे के लिए भी जेल नहीं गये हैं । यानि माकपा की राजनीति में शीर्ष पर पहुंचने के लिए सत्याग्रह , लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रतीक जेल का महत्व नहीं है।

ये तो रिकार्ड हो गया
नेता जो जेल नहीं गया
वैसे अब यह आउट ऑफ फ़ैशन है
क्योंकि भय यह है की कहीं बाहर नहीं निकले तो
Well done ,Joshi. Your opposition to क्वीन्स बैटन inspires me to express my solidarity.
http://en.wikipedia.org/wiki/Prakash_Karat
Karat worked underground for one and a half years during the Emergency in India in 1975-76.
He was arrested twice and spent 8 days in prison.[4].
http://en.wikipedia.org/wiki/Sitaram_Yechury
Yechury JNU for a Ph.D. degree which he could not complete due to his arrest during Emergency.
He was underground for some time, organising resistance to the Emergency, before his arrest in 1975.
is jankari ke bare mein kya kahna chahenge .
इस सूचना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद । भूल कबूल करता हूँ ।
दोनों लोग आपातकाल दरमियान बन्द हुए ! जब ज्यादातर लोग १९ महीने बन्द रहे , तब प्रकाश आठ दिन ! आपातकाल खतम होते ही इनके दल ने लोगों को गिरफ़्तार करवाने दल (भाकपा) द्वारा ’ऐतिहासिक भूल कबूली’ और इनके साथ मोर्चा बन गया। छात्र राजनीति के दौरान कभी संघर्ष का मौका नहीं आया क्योंकि अभिजात्यवादी पृष्टभूमि रही,दोनों की?
सीताराम कितने दिन बन्द रहे आपातकाल के दौरान ?
अपनी पहल पर चलाये गये किसी आन्दोलन में सिविल नाफ़रमानी करके दोनों कभी गिरफ़्तार नहीं हुए ।