वाराणसी ,२६ जनवरी ,२०११ । समाजवादी जनपरिषद और पटरी व्यवसायी संगठन ने गणतंत्र-दिवस के मौके पर रश्मि नगर से जुलूस निकाला । जुलूस के पूर्व स्थानीय थानाध्यक्ष ने जुलूस में शामिल लोगों को भयाक्रांत करने की निष्फल करने की कोशिश । पिछले कई महीनों से नगर में बेवजह लागू धारा १४४ को बहाना बना कर जनता की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को दबाने के प्रयास को गणतंत्र-दिवस के मौके पर नगरवासियों ने निष्फल किया । जुलूस में शामिल लोगों ने ’देश का संविधान किसने बनाया ?- बाबासाहब; बाबासाहब ’, ’संविधान का क्या पैगाम ?- मानव-मानव एक समान’, ’कमाने वाला खायेगा; लूटने वाला जायेगा;नया जमाना आयेगा’,नया जमाना कौन लायेगा-हम लायेंगे तथा ’वोट हमारा ,राज तुम्हारा – नहीं चलेगा’,’पटरी-नीति लागू करो’ जैसे नारे लगाये ।
जुलूस विश्वविद्यालय सिंहद्वार,रविदास गेट ,अस्सी चौराहा ,दुर्गाकुंड,संकटमोचन होते हुए लंका पर समाप्त हुआ जहां एक नुक्कड सभा की गई । जुलूस और सभा में मुख्य तौर पर काशीनाथ रावत,काली प्रसाद सोनकर ,मोहम्मद भुट्टो,चन्द्रमा प्रसाद,जिलाध्यक्ष तेजबली,छांगुर राम ,नन्दलाल यादव,मंगल सोनकर, पन्नालाल ,दल के राष्ट्रीय सचिव चंचल मुखर्जी,पटरी व्यवसायी संगठन के अध्यक्ष काशीनाथ एवं अफलातून शामिल थे ।


शायद इसीलिए कहा गया है कि नेता अपने समर्थकों के कन्धों पर चढकर कुर्सी पर पहुँचता और वहॉं जाकर अपने विरोधियों की मदद से राज करता है।
आपकी यह पोस्ट पढ कर लग रहा है कि मायावती की माया के वास्तविक पक्ष तो अभी सामने आने शेष हैं।
aflatoon ji, bada achha laga jaankar ki aap blog jagat hi nahin janpath per bhee sakriya hain. Badhai aur shubhkamnayen…!!!
sinhakumara@gmail.com
badhai.