समाजवादी जनपरिषद समाजवादी जनपरिषद Stats Months and Years जन फ़र मार्च अप्रै मई जून जुला अग सित अक्टू नव दिस Total 2006 1 190 64 147 471 873 2007 1,001 677 903 658 732 917 960 1,011 883 665 807 1,003 10,217 2008 875 1,253 983 1,153 888 1,114 1,734 1,212 2,264 2,123 1,895 1,218 [...]
Archive for अगस्त 18th, 2011
मेरे चिट्ठों से जुडे कु्छ अद्यतन आंकडे
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शैशव- तोते का कम होता संकोच अक्टूबर 27, 2011शिरीष का फूल हरे और हल्के पीले व सफेद रंग लिए हुए होता है । यहां जो फूल है वह आकृति में बिलकुल शिरीष जैसा है ,रंग गुलाबी और सफेद। गिलहरियां और तोते इन्हें बहुत पसन्द करते हैं । तोते कभी-कभी … Continue reading → […]
- भारत को इंगलैण्ड-अमरीका जैसा बनाने का मतलब/ गांधी अक्टूबर 24, 2011गांधी की कलम सेः “…..भारत को इंगलैण्ड और अमरीका के जैसा बनाने का मतलब है ऐसे नए देशों की तलाश करना जिनका शोषण किया जा सके । अभी तक तो लगता है कि पश्चिमी राष्ट्रों ने योरोप के बाहर के … Continue reading → […]
- मुनादी / धर्मवीर भारती अगस्त 22, 2011खलक खुदा का, मुलुक बाश्शा का हुकुम शहर कोतवाल का हर खासो-आम को आगह किया जाता है कि खबरदार रहें और अपने-अपने किवाड़ों को अन्दर से कुंडी चढा़कर बन्द कर लें गिरा लें खिड़कियों के परदे और बच्चों को बाहर … Continue reading → […]
- तोते का कम होता संकोच अक्टूबर 27, 2011
यही है वह जगह- धूप का पहाड़ / भवानीप्रसाद मिश्र मई 10, 2012
- शिक्षा के लॉलीपॉप / सुनील मई 3, 2012इन दिनों बिहार में एक विवाद छिड़ा हुआ है। इसे मोतीहारी बनाम गया, नीतीश बनाम सिब्बल या राज्य बनाम केन्द्र का झगड़ा कहा जा सकता है। वर्ष 2009 में संसद में एक कानून पास करके देश के 12 प्रांतांे में एक-एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने का फैसला लिया गया था। इससे गोवा को छोड़कर देश के [...] […]
- शिक्षा का बाजारीकरण खत्म करने और समान स्कूल व्यवस्था का निर्माण करने के लिए अखिल भारत सम्मेलन‘, चेन्नई, तमिलनाडु अप्रैल 28, 2012चेन्नई सम्मेलन – दृष्टि, कार्यक्रम और अपेक्षाएं (पहला प्रारूप) ‘ (30 जून-01 जुलाई 2012) पृष्ठभूमि अखिल भारत शिक्षा अधिकार मंच एवं समान स्कूल व्यवस्था के लिए राज्य मंच, तमिलनाडु (स्टेट प्लेटफ़ार्म फ़ॉर कॉमन स्कूल सिस्टम, तमिलनाड़ु) के संयुक्त तत्वावधान में 30 जून-01 जुलाई 2012 को चेन्नई में ‘शिक्षा का बाजारीकरण खत्म करने और समान स्कूल व्यवस्था का [...] […]
सुरे-बेसुरे गीतों का ब्लॉग : आगाज़- नये और मधुर गीतयह प्लेलिस्ट खासकर अपने अनिवासी मित्रों के लिए । हांलाकि आज-कल कई फिल्में तो पहले विदेशों में रिलीज की जा रही हैं । यह गीत मुझे कर्णप्रिय लगते हैं और नये भी हैं । […]
- देव आनन्द : दिल अभी भरा नहींफेसबुक-युग में देव आनन्द का न रहना । कुछ मित्रों ने उन्हें उन्हींकी फिल्मों के गीतों को याद कर श्रद्धांजलि दी है। 'तेरी दुनिया में जीने से,बेहतर है कि मर जाएं'से शुरु कर ,'बादल,बिजली,चंदन,पानी जैसा अपना प्यार,लेना होगा जनम हमें कई-कई बार' से होते हुए 'बहुत दूर मुझे चले जाना है' तक।बड़ी बहन की लेडीज साइकिल और घर से इजाजत लेकर जिन […]
- सुमन कल्याणपुर की मेरी प्लेलिस्टसुमन कल्याणपुर चर्चा की हकदार हैं। वे उन गायिकाओं में प्रमुख हैं जिनके साथ भारत-रत्न ने राजनीति और तिकड़म की। होश संभालने के बाद मेरे मन पर छाप छोड़ गए तथा उनसे लगायत तरुणाई की दहलीज पर ये गीत मैंने सुने। पसंद किए होंगे इसलिए याद भी रह गये। आपको कैसे लगे ? […]
- रस के भरे तोरे नैन , आपकी याद आती रही रात भरयह दो गीत मैंने काफी पहले पोस्ट किए थे । मित्रूं ने पसन्द भी किए थे । कल उस पोस्ट की लिंक फिर से दी तो पता चला कि इनमें से एक यूट्यूब ने हटा लिया है। सुबह से क्रोम में शॉकवेव का प्लग - इन क्रैश कर गया है । अब प्रयास कर रहा हूं कि उन दो गीतों को नये सिरे से पोस्ट करूं। मित्र इन्द्रनाथ मोदक ने ध्यान दिलाया कि मूल पोस्ट में यूट्यूब इसे हटा चुका है। मित्र का आभा […]
- चार भाषाओं में क्रांति गीत /समाजवादी जनपरिषद , जलपाईगुड़ी - राष्ट्रीय परिषदइन गीतों की झलकियां मैं अपने नन्हे से कैमेरा में कैद कर सका । अवसर था समाजवादी जनपरिषद की उत्तर बंग के जलपाईगुड़ी में हुई राष्ट्रीय परिषद । उम्मीद है पसन्द करेंगे और टिप्पणी भी करेंगे ।सम्बलपुरी समूह गीतबांग्ला लोक शैली ’बाऊल’ पर आधारित राजनैतिक गीत / राधाकान्त बहिदारएडवोकेट जेमन का गाया मलयालम गीतमहात्मा फुले रचित अभंग - स्त्री पुरुष सर्व / स्वर संजीव सानेनो […]
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