कचरा खाद्य उत्पादों को दुनिया भर में बेचते रहने के लिए कोला कम्पनियों के लिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि उनकी दखल और साँठ गाँठ राजनीति , विश्व स्वास्थ्य संगठन , विग्यापन और टेलीविजन कम्पनियों , विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों , बैंकों , कोडेक्स जैसी खाद्य मानक निर्धारित करने वाली अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं , रसायन कम्पनियों तथा अन्य बहुराष्ट्रीय [...]
Archive for the ‘corporatisation’ Category
कचरा खाद्य : मानकों का कचरा
Posted in corporatisation on November 24, 2006 | No Comments »
पानी की जंग : गोलबन्दिय़ां
Posted in blue gold, corporatisation, globalisation , privatisation, water on November 19, 2006 | No Comments »
तीसरी दुनिया के देशों में पानी के निजीकरण की कोशिशों को जनता के तीव्र प्रतिरोध का सामना करना पड रहा है.इन तीन बडी कम्पनियों ने आपस में तालमेल बनाया है तथा निजीकरण की पक्षधर नीति के निर्धारण हेतु विश्व बैंक और अमीर देशों की आर्थिक मदद से इन कम्पनियों ने कई गठबंधन बना रखे हैं.हर [...]
पानी की जंग ( गतांक से आगे )
Posted in blue gold, corporatisation, globalisation , privatisation, water on November 17, 2006 | No Comments »
विश्वव्यापार संगठन के सेवाओं के व्यापार से सम्बन्धित नियम भी जल आपूर्ति के निजीकरण को बढावा देंगे.इन नियमों के तहत सभी देशों पर न सिर्फ़ सार्वजनिक जल-प्रणालियों से सरकारी नियंत्रण हटाने और निजीकरण करने का दबाव होगा अपितु किसी शहर की जल वितरण प्रणाली यदि किसी विदेशी कम्पनी के हाथों चली जाती है तो उसे [...]
पानी की जंग , ले.- मॊड बार्लो , टोनी क्लार्क
Posted in blue gold, corporatisation, water on November 17, 2006 | No Comments »
[लेखक परिचय : मॊड बार्लो - कैनेडा के सबसे बडे जनसंगठन 'काउन्सिल ओफ़ कैनेडियन्स' की अध्यक्षा.वैनकूवर ,टोरेन्टो तथा हेलिफैक्स शहरों में पानी के निजीकरण के विरुद्ध यह संगठन सक्रिय है.पानी के निगमीकरण पर टोनी क्लार्क के साथ लिखी गयी चर्चित पुस्तक 'ब्लू गोल्ड' की लेखिका.
टोनी क्लार्क - लोकतांत्रिक समाज परिवर्तन के संघर्ष्हेतु जन आन्दोलनों प्रशिक्षित [...]

