Technorati tags: वामपंथ का व्यामोह, प्रभात पटनायक, बुद्धदेव, येचुरी, कारत, prabhat patanayak, buddhadeb, yechury, karat
‘ वामपंथी अर्थशास्त्री जमीन से नहीं जुड़े हैं और असलियत को नहीं जानते हैं । प्रभात पटनायक ने जो लिखा है , उसे मैंने पढ़ा है । मैं उससे सहमत नहीं हूँ।’
पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने एक टीवी [...]
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Technorati tags: टेक्नो बाबू, कुलीकरण, गंगन प्रताप, स्रोत फीचर
टेक्नो बाबू का उदय
भारत जिस किस्म की सूचना टेक्नॉलॉजी (आई.टी.) में लगा है उसे राजेश कोचर ने “सूचना छेड़छाड़” की संज्ञा दी है । ” यदि आई.टी. को हम एक नई सायकल डिज़ाइन करने जैसा मानें , तो भारत को जो काम सौंपा गया है वह [...]
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Technorati tags: कुलीकरण, गंगन प्रताप, स्रोत, तेक्नो बाबू, techno babu, gangan pratap, kulikaran, srot featureपिछला भाग
२४ x ७ का सम्बन्ध
भारत में यू.एस. के पूर्व राजदूत रिचर्ड सेलेस्ट ने कहा था, ” भारत-यू.एस. सम्बन्ध आज सबसे बढ़िया स्थिति में हैं । सूचना व कम्यूटर उद्योग भारत व यू.एस. के सम्बन्धों को बेहतर बना रहे हैं [...]
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Technorati tags: स्रोत, गंगन प्रताप, भारत का कुलीकरण, टेक्नो कुली, techno kuli, gangan pratap, srot feature
देश के सबसे होनहार युवा धीरे - धीरे शेष विश्व के लिए टेक्नो-कुली बनते जा रहे हैं । इंफोसिस और विप्रो का चमत्कार यही है कि उन्होंने देश के सबसे होशियार लड़के-लड़कियों को इकट्ठा करके उन्हें उत्तरी अमरीका , युरोप [...]
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Technorati tags: गुजरात, नरेन्द्र मोदी, अहमद पटेल, साम्प्रदायिकता, कांग्रेस, narendra modi, ahmad patel, gujarat, communalism, liberalisation
नरेन्द्र मोदी के ‘विकास’ और मनमोहन सिंह अथवा बुद्धदेव के ‘विकास’ में फर्क नहीं है। स्वदेशी जागरण मंच अथवा उमा भारती का रिलायन्स फ्रेश के प्रति विरोध क्रमश: राँची और इन्दौर में होता है । अहमदाबाद , वडोदरा और [...]
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भारत की खेती और भारत के किसान ,आज इस औद्योगिक सभ्यता के प्रमुख निशाने पर हैं । बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इसमें अपने मुनाफों की नयी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं । भूमण्डलीकरण का जो चौतरफा हमला भारत के किसानों पर हो रहा है, सीधे जमीन का अधिग्रहण और विस्थापन उस हमले का सिर्फ एक हिस्सा है ।आम किसानों [...]
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Technorati tags: पूंजी, रोज़ा लक्समबर्ग, लोहिया, capital, rosa luxemberg, lohia
निश्चित रूप से कार्ल मार्क्स का ध्यान इस ओर गया था और उन्होंने अपने ग्रन्थ ‘पूंजी’ में औपनिवेशिक लूट का विस्तृत वर्णन किया है । लेकिन इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य को उन्होंने अपने विश्लेषण का अंग नहीं बनाया । बाद में रोज़ा लक्ज़मबर्ग ने कुछ हद [...]
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Technorati tags: नारोदनिक, मार्क्स, खेती, गाँव, narodnik, agriculture, village
पिछले भाग से आगे :
दरअसल मार्क्सवादी और पूंजीवादी दोनों प्रकार के चिंतन में खेती व गांव एक पुरानी , पिछड़ी और दकियानूसी चीज है , एक पुरानी सभ्यता के अवशेष हैं । संयुक्त राज्य अमेरिका , कनाडा और पश्चिमी यूरोप में राष्ट्रीय आय में और कार्यशील आबादी [...]
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Technorati tags: औद्योगीकरण का अन्धविश्वास, superstition of industralisation, mahatma gandhi, marx
सिंगूर और नन्दीग्राम की घटनाओं से और इनके पहले कलिंगनगर तथा दादरी जैसे संघर्षों से इतना जरूर हुआ है कि भूमण्डलीकरण के रास्ते पर दौड़ते मदांध शासक वर्ग के पैर कुछ ठिठके हैं तथा देश में एक बहस छिड़ी है । विशेष आर्थिक क्षेत्रों [...]
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Technorati tags: jose bove, corporatisation, globalisation
[ मुकेश अम्बानी द्वारा सब्जी-फल बेचने के लिए रिलायन्स फ़्रेश नामक एक कम्पनी की शुरुआत हुई है । राँची और इन्दौर में रिलायन्स फ़्रेश की दुकानों पर शहर में पटरियों पर और ठेले पर फल - सब्जी बेचने वाले लोगों ने इसका तीखा प्रतिकार किया ।
चिट्ठालोक में देबाशीष [...]
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