Posted in Gujarat, politics, tagged गुजरात, गौरव, मोदी, सुहृद, Gujarat, modi, pride, suhrud on December 27, 2007 | 4 Comments »
हमने मोदी को वोट क्यों दिया : त्रिदिप सुहृद का यह लेख आज ‘हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुआ है तथा यहाँ उसकी पी.डी.एफ़. फ़ाइल साभार प्रस्तुत है ।
इस लेख को यहाँ प्रस्तुत करते वक्त कुछ टिप्पणियाँ की जा रही हैं ।
चिट्ठेकार संजय बेंगाणी और सागरचन्द नाहर मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी से बेहतर गुजराती बोलते हैं । दोनों चिट्ठेकारों को [...]
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Posted in Gujarat, half pant, politics on December 23, 2007 | 10 Comments »
Technorati tags: गुजरात, चुनाव, साम्प्रदायिकता
मोदी द्वारा गुजरात की जनता का साम्प्रदायिकीकरण फिर सफलतापूर्वक प्रकट हुआ। उसका विकल्प न होना दुर्भाज्ञपूर्ण है । कांग्रेस का भोथरा सेक्यूलरवाद और मोदी की कांग्रेसी आर्थिक नीति गुजरात की जनता के लिए बुरे दूरगामी परिणाम लाएगी । हिटलर ने भी चुनाव जीता था और बहुसंख्यक की फिरकापरस्ती और उन्माद [...]
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Technorati tags: गुजरात, नरेन्द्र मोदी, अहमद पटेल, साम्प्रदायिकता, कांग्रेस, narendra modi, ahmad patel, gujarat, communalism, liberalisation
नरेन्द्र मोदी के ‘विकास’ और मनमोहन सिंह अथवा बुद्धदेव के ‘विकास’ में फर्क नहीं है। स्वदेशी जागरण मंच अथवा उमा भारती का रिलायन्स फ्रेश के प्रति विरोध क्रमश: राँची और इन्दौर में होता है । अहमदाबाद , वडोदरा और [...]
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Technorati tags: तुलसीदास, नारि, समाज, tulsidas, nari, samaj
तुलसीदास का छद्म सेक्युलरवाद नामक पोस्ट में मैंने एक चौपाई की पहले की पंक्ति और एक की बाद की पंक्ति के बारे में पूछा था । टिप्पणियाँ आईं , जवाब नहीं आया ।कुछ ने पढ़ समझ कर टिप्पणियाँ दीं और कुछ को पढ़ने-समझने का सहूर होता ही नहीं [...]
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Posted in brahminism, half pant on August 4, 2007 | 9 Comments »
Technorati tags: तुलसीदास, छद्म सेक्युलरवाद, हाफ़ पैन्ट, tulsidas, pseudo secularism, pseudo half panti
काशी के तुलसी घाट की चर्चा करते हुए मैंने तुलसीदास द्वारा अयोध्या में कही गयी :
‘ माँग के खईबो , मसीद में सोईबो ‘
इस पंक्ति का जिक्र किया था । ‘पंगेबाज’ अरुण के गले नहीं उतरा तुलसीदास का अयोध्या में मस्जिद में सोना । [...]
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हत्यारों के गिरोह का
एक सदस्य हत्या करता है
दूसरा उसे दुर्भाग्यपूर्ण बताता है
तीसरा मारे गए आदमी के दोष गिनाता है
चौथा हत्या का औचित्य ठहराता है
पाँचवाँ समर्थन में सिर हिलाता है
और अन्त में सब मिलकर
बैठक करते हैं
अगली हत्या की योजना के सम्बन्ध में ।
- राजेन्द्र राजन .
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Posted in gandhi, half pant on May 17, 2007 | 7 Comments »
Technorati tags: hindu nationalism, communalism, gandhi
गतांश से आगे : गांधी जी के सचिव प्यारेलाल ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक पूर्णाहुति में सितम्बर , १९४७ में संघ के अधिनायक गोलवलकर से गांधीजी की मुलाकात , विभाजन के बाद हुए दंगों में तथा गांधी - हत्या में संघ की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया है । गोलवलकर [...]
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Posted in gandhi, half pant on May 16, 2007 | 7 Comments »
Technorati tags: mahatma gandhi, communalism, hindu nationalism
मेरा यह लेख धर्मयुग , १६ फरवरी १९९१ में छपा था ।
आज गुजरात के कई गाँवों में ‘हिन्दू राष्ट्र नू माणसा गाम’. हिन्दू राष्ट्र का माणसा ( नाम ) ग्राम जैसी तख्तियाँ लगायी गयी हैं । मध्यप्रदेश के बस अड्डों पर ‘ हिन्दू राज्य ‘ में आपका स्वागत [...]
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Posted in half pant on February 13, 2007 | No Comments »
[ सवालों के लिखित उत्तर जयप्रकाश नारायण ने 'सामयिक वार्ता' के लिए सितम्बर १९७७ के पहले सप्ताह में दिये ।निम्नलिखित सवाल-जवाब का स्रोत - सामयिक वार्ता , १६ सितम्बर,१९७७ है ।]
प्रश्न : आपके आन्दोलन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ के साथ भाग लिया ।जनता पार्टी [...]
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Posted in Gujarat, half pant on December 15, 2006 | No Comments »
#18 Today 11:31:20
neerajdiwan
समझदार बंधु
From: दिल्ली
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Re: अहमदाबाद में प्रेमी युगलों की पिटाई
आंख बन्द कर लेने से मुसीबतें टल नहीं जाती.. संस्कृति के ठेकेदार कल हमारे घर की दीवारें लांघकर हमें धमकाने लगेंगे कि हम अपने जीवनसाथी के साथ भी मुहूर्त देखकर ही हमबिस्तर हों. प्यार करने के तौर-तरीक़े सीखाने [...]
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