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Archive for the ‘Gujarat’ Category

हमने मोदी को वोट क्यों दिया : त्रिदिप सुहृद का यह लेख आज ‘हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुआ है तथा यहाँ उसकी पी.डी.एफ़.  फ़ाइल साभार प्रस्तुत है ।
इस लेख को यहाँ प्रस्तुत करते वक्त कुछ टिप्पणियाँ की जा रही हैं ।
चिट्ठेकार संजय बेंगाणी और सागरचन्द नाहर मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी से बेहतर गुजराती बोलते हैं । दोनों चिट्ठेकारों को [...]

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Technorati tags: गुजरात, चुनाव, साम्प्रदायिकता
    मोदी द्वारा गुजरात की जनता का साम्प्रदायिकीकरण फिर सफलतापूर्वक प्रकट हुआ। उसका विकल्प न होना दुर्भाज्ञपूर्ण है । कांग्रेस का भोथरा सेक्यूलरवाद और मोदी की कांग्रेसी आर्थिक नीति गुजरात की जनता के लिए बुरे दूरगामी परिणाम लाएगी । हिटलर ने भी चुनाव जीता था और बहुसंख्यक की फिरकापरस्ती और उन्माद [...]

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Technorati tags: गुजरात, नरेन्द्र मोदी, अहमद पटेल, साम्प्रदायिकता, कांग्रेस, narendra modi, ahmad patel, gujarat, communalism, liberalisation
    नरेन्द्र मोदी के ‘विकास’ और मनमोहन सिंह अथवा बुद्धदेव के ‘विकास’ में फर्क नहीं है। स्वदेशी जागरण मंच अथवा उमा भारती का रिलायन्स फ्रेश के प्रति विरोध क्रमश: राँची और इन्दौर में होता है । अहमदाबाद , वडोदरा और [...]

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#18 Today 11:31:20

neerajdiwan
समझदार बंधु

From: दिल्ली
Registered: 14-05-2006
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Re: अहमदाबाद में प्रेमी युगलों की पिटाई

आंख बन्द कर लेने से मुसीबतें टल नहीं जाती.. संस्कृति के ठेकेदार कल हमारे घर की दीवारें लांघकर हमें धमकाने लगेंगे कि हम अपने जीवनसाथी के साथ भी मुहूर्त देखकर ही हमबिस्तर हों. प्यार करने के तौर-तरीक़े सीखाने [...]

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पिछली प्रविष्टी पर टिप्पणियां , आईं , कम से कम तीन चिट्ठों पर घटना पर केन्द्रित प्रविष्टियां आयीं और घुघुटीबसूती द्वारा एक सुन्दर चर्चा ‘परिचर्चा ‘ पर शुरु की गयी . इनमें सब कोंण ‘परिचर्चा’ में अच्छी तरह आये हैं . यहां उन्हें पूरा दिया जा रहा है .  ‘परिचर्चा’ तथा सभी हिस्सेदार लोगों के प्रति [...]

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गनीमत है कि द्वारिका मोदी के गुजरात में है, मथुरा या बृन्दावन नहीं . मोदी का राज यदि मथुरा-वृन्दावन में होता तब राधा-कृष्ण का क्या हाल होता ? वह भी भारतीय संस्कृति के कथित रक्षकों के हाथों . विडम्बना है कि ‘रक्षकों’ में कुछ गोपियां भी पीछे नही हैं .
काश इन ‘संस्कृति रक्षकों’ का भीम [...]

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