Technorati tags: bloggers’ meet, delhi
चिट्ठाकारी से जुड़े पत्रकार , छात्र , गृहणियाँ ,व्यवसायी ,अध्यापक और गीक १४ जुलाई ,’०७ को दिल्ली में मिले । इस माध्यम से जुड़े इन विविध पृष्टभूमि के लोगों की बातचीत में भी विविधता थी लेकिन एक अन्तर्धारा सभी को जोड़ रही थी । रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्राप्त [...]
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ब्लागवाणी देशज भाषाओं के ब्लाग्स का भारतीय एग्रीगेटर है.
ब्लागवाणी पूरक है, सहायक है, किसी भी एग्रीगेटर का विकल्प नहीं है.
जितने भी अधिक ब्लाग्स एग्रीगेटर या देशी भाषाओं की वेबसाईटें होंगीं, उतना ही देशी भाषाओं का प्रसार और प्रचार होगा, उतने ही अधिक पाठक आयेंगे. ब्लागवाणी भी अपने साथ पाठक समूह को समेटेगा और देशी भाषाओं [...]
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Technorati tags: blogs, geeks, goongi kabaddi
‘ धुरविरोधी ‘ के चिट्ठे पर जीतू ने कहा था ,
ये सच है कि पहले भी इस तरह की भाषा का प्रयोग होता रहा है, लेकिन हमेशा हम चुप नही रह सकते। कभी ना कभी तो निर्णय लिया ही जाना था।
ये मेरा आखिरी स्पष्टीकरण है, इसके बाद नारद की तरफ़ [...]
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Technorati tags: blogs, ban, aggregator, double jeopardy
चिट्ठकार राहुल जन्मना भारतीय है । उस पर भारत का संविधान लागू होता है । भारत के किस्से , कहानियाँ और कहावतें भी । एक किस्सा चर्चित है जिसमें असामी से सजा देने वाले पूछते हैं , ‘ पाँच किलो प्याज खाओगे या पचास चप्पल ? ‘ इसमें असामी [...]
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हत्यारों के गिरोह का
एक सदस्य हत्या करता है
दूसरा उसे दुर्भाग्यपूर्ण बताता है
तीसरा मारे गए आदमी के दोष गिनाता है
चौथा हत्या का औचित्य ठहराता है
पाँचवाँ समर्थन में सिर हिलाता है
और अन्त में सब मिलकर
बैठक करते हैं
अगली हत्या की योजना के सम्बन्ध में ।
- राजेन्द्र राजन .
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Technorati tags: blogs, ban, aggregator
डेरा सच्चा सौदा की माफ़ी अकाल-तख्त ने नामंजूर की । गुरु गोविन्दसिंह से क्यों माँगी माफी ? हमसे क्यों नहीं माँगी ? लगता है ‘नारद पर प्रतिबन्धित चिट्ठे’ के लेखक द्वारा सभी आहत चिट्ठेकारों से खेद प्रकट करने और नारद के फैसले से विरोध जारी रखने में ऐसी ही कोई जिच फँस गयी [...]
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Technorati tags: blogs, online journalism
,
[ चिट्ठाकारी पर पिछली पोस्ट से कुछ अनुदित सामग्री सम्पादित कर प्रस्तुत की जा रही है। हिन्दी चिट्ठेकारों ने विषय में रस लिया और बहस भी चलायी । आज निकोलस कार्र के चिट्ठे से यह बहुचर्चित वक्तव्य यहाँ दिया जा रहा है । ]
मंगलाचरण
किसी जमाने की बात है चिट्ठालोक नामक एक टापू था [...]
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Technorati tags: blogs, reach, evangelists
[ ' बम और पिस्तौल इन्कलाब नहीं लाते '- शहीदे आजम भगत सिंह का यह बयान जैसे कइयों के गले नहीं उतरता वैसे ही कुंजी-पटल के योद्धा यह सुनना नहीं चाहेंगे कि ' चिट्ठे इन्कलाब नहीं लाते ' । ऐसा मानने वाले कुछ स्थापित चिट्ठेकारों के विचार यहाँ दिए जा रहे हैं । सेथ [...]
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Posted in internet on May 26, 2007 | 2 Comments »
Technorati tags: internet, censorship
[ १८ मई २००७ को 'इंटरनेट की सेंसरशिप पर जोर ' विषयक एक खबर बी बी सी हिन्दी पर आई है । ३० दिसम्बर , २००२ के 'हिन्दुस्तान' के सम्पादकीय पृष्ट पर इस मसले पर मेरा लेख 'खुले विश्व' के बंद होते दरवाजे छपा था । हिन्दुस्तान के संजाल संस्करण के इस तिथि के [...]
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Technorati tags: online journalism, media, blogs stable
सरकार प्रसन्न,
घोड़ा सन्न ,
कि घोड़े से तेज दौड़ता है -
कागज का घोड़ा .
- राजेन्द्र राजन
कवि मित्र राजेन्द्र राजन की यह छोटी-सी कविता उनकी ‘घोड़ा’ - सिरीज़ से ली गई है । कई अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया प्रतिष्ठानों द्वारा ब्लॉगों के ‘घुड़साल’ या अस्तबल शुरु किए जाने की सूचना पाने के [...]
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