बाबा मायाराम द्वारा लिखी गयीं सशक्त रिपोर्टों से चिट्ठा जगत परिचित है । ’सतपुड़ा के बाशिन्दे’ नामक उनकी किताब का लोकार्पण कल इटारसी में हुआ । इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिकों के अलावा उन क्षेत्रों के ग्रामीण भी शामिल थे, जिनके बारे में इस पुस्तक में विवरण है। इटारसी स्थित पत्रकार भवन में पर्यावरण बचाओ, [...]
Archive for the ‘tiger’ Category
पत्रकार / चिट्ठेकार बाबा मायाराम की पुस्तक का लोकार्पण
Posted in विस्थापन, displacement, environment, madhya pradesh, tiger, tribal, tagged आदिवासी, बाबा मायाराम, वनवासी, शेर, सतपुड़ा on दिसम्बर 21, 2009 | 4 Comments »
एक शिक्षक कैसे पढ़ाएगा पांच कक्षाओं को?/उजड़े उखड़े गाँव की कहानी/बाबा मायाराम
Posted in विस्थापन, displacement, environment, madhya pradesh, tiger, tribal, tagged adivasi, अभयारण्य, आदिवासी, कोरकू, धाई, नई धाईं, बाघ, बाबा मायाराम, मायाराम, विस्थापन, baba mayaram, bori, displacement, nayi dhain, sanctuary, tiger reserve on अक्टूबर 22, 2009 | 5 Comments »
[मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में वन्य प्राणियों के लिए तीन सुरक्षित उद्यान/अभयारण्य बनाए गए है– सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, बोरी अभयारण्य और पचमढ़ी अभयारण्य। तीनों को मिलाकर फिर सतपुड़ा टाईगर रिजर्व बनाया गया है। तीनों के अंदर कुल मिलाकर आदिवासियों के लगभग 75 गांव है और इतने ही गांव बाहर सीमा से लगे हुए है। इन [...]
आदिवासियों ने दिखाई गांधीगिरी
Posted in sanctuary, tiger, tribal on दिसम्बर 5, 2006 | 1 Comment »
साभार :दैनिक भास्कर,शनिवार २५ नवम्बर २००६ आदिवासियों ने नर्मदा तट पहुंच पूजा – अर्चना की और गांधीजी के प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना कर आंदोलन शुरु किया होशंगाबाद. सतपुडा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बसे हजारों आदिवासियों ने जल , जंगल , जमीन के लिए गांधीगिरी अपनाई है . वन अधिकारियों की सदबुद्धि के लिए अनोखा आंदोलन [...]
जंगल पर हक़ जताने का संघर्ष
Posted in globalisation , privatisation, sanctuary, tiger, tribal, Uncategorized on दिसम्बर 4, 2006 | Leave a Comment »
साभार : बी.बी.सी. फ़ैसल मोहम्मद अली फ़ैसल मोहम्मद अली बीबीसी संवाददाता, भोपाल जंगल पर हक़ जताने का संघर्ष भारत में ‘बाघ या मानव’ और ‘जंगल या आदिवासी’ की चल रही गर्मागर्म बहस के बीच मध्य प्रदेश के पिपरिया तहसील में आदिवासियों ने अपने अधिकारों की माँग को लेकर ख़ास तरह से विरोध दर्ज किया. क़रीब [...]
