नीचे प्रस्तुत पुस्तिकाएँ मैंने अपने चिट्ठों समाजवादी जनपरिषद , तथा यही है वह जगह पर समय-समय पर धारावाहिक तौर पर पेश की थीं। यहाँ इनमें से नौ पुस्तिकाओं को पी.डी.एफ़ फाइल के तौर पर प्रस्तुत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है । पुस्तिकाओं और प्रस्तुति पर सुझाव और प्रतिक्रिया का स्वागत है ।विदेशी पूँजी से विकास का अन्धविश्वास : सुनील ,
क्या वैश्वीकरण का मानवीय चेहरा संभव है ? - सुनील
औद्योगीकरण से विकास का अन्धविश्वास : सुनील
बातचीत के मुद्दे : किशन पटनायक


यहां इतना कुछ साहीत्य उपलब्ध देखकर संतुष्टी हुई। मैं एक दर्ख्वास्त करना चाहता हूं, समता आंदोलन (जो समाजवादी जन परिषद में सम्मीलीत हुआ) के कुछ कार्यकर्ता एक पंजीकृत संस्था चलात हैं, उनकेलिए मैं एक साईट बना रहा हूं , उस साईट्पर आपके ब्लोग का समावेश करू क्या ?