पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्यादा स्थायी साबित हुआ तथा कई संकटों को पार कर गया । मार्क्स की ही तरह लोहिया की भविष्यवाणी भी गलत साबित हुई । दरअसल , इस निबन्ध को वे पचीस तीस साल बाद लिखते तो [...]
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अर्थशास्त्र – मार्क्स , लोहिया से आगे (२): आंतरिक उपनिवेश,ले. सुनील
Posted in capitalism, environment, gandhi, globalisation , privatisation, industralisation, lohia, tagged अर्थशास्त्र, आंतरिक उपनिवेश, मार्क्स, लोहिया से आगे, सच्चिदानन्द सिन्हा, सुनील, economics after marx, internal colony, lohia, marx, sachchidanand sinha, sunil on मार्च 9, 2009 | 6 Comments »
अर्थशास्त्र : मार्क्स और लोहिया से आगे. लेखक सुनील
Posted in capitalism, gandhi, globalisation , privatisation, industralisation, lohia, recessation, tagged अर्थशास्त्र मार्क्स, मार्क्स, लोहिया, लोहिया से आगे, economics after marx, gandhi, lohia, marx on मार्च 6, 2009 | 9 Comments »
[ लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं | डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस्तक Marx , Gandhi and Socialism का एक अध्याय है-Economics after Marx |प्रस्तुत आलेख उसके आगे का कथन है | ] मानव इतिहास के हर दौर में दुनिया को बदलने और बेहतर बनाने की कोशिशें हुई हैं। ऐसी हर [...]
अर्थशास्त्र , मार्क्स और लोहिया के आगे – सुनील
Posted in capitalism, consumerism, corporatisation, energy, environment, fdi, gandhi, globalisation, globalisation , privatisation, industralisation, lohia, Uncategorized, tagged अर्थशास्त्र, मार्क्स, लोहिया, सुनील, economics, gandhi, lohia, marx, sunil on मार्च 5, 2009 | 13 Comments »
लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं |डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस्तक Marx , Gandhi and Socialism का एक अध्याय है-Economics after Marx |प्रस्तुत आलेख उसके आगे का कथन है | ] [ शेष अगली किश्त में ] चित्र पत्र खटका मार कर सेव कर लें , तब पढ़ें । मुद्रित रूप [...]
