हिन्दी में चिट्ठेकारी करने वाले समस्त मित्रों, हिन्दी चिट्ठेकारी में फिलहाल सर्च इंजनों की तुलना में ब्लॉगवाणी से अधिक पाठक पहुँचते हैं । ब्लॉगवाणी शुरु करते वक्त मैथिलीजी ने घोषित किया था कि यह प्रकल्प धन्धे के लिए नहीं , हिन्दी के लिए है । यह वचन नहीं उनकी निष्ठा है और उन्होंने इसे निभाया है । [...]
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मतगणना नहीं जनगणना में भाग लेना न भूलें
Posted in aggregator, blogging, tagged blogging, blogvani, census on अगस्त 29, 2008 | 3 Comments »
चिट्ठेकारी का दूसरा साल
Posted in aggregator, blogging, Blogroll, globalisation , privatisation, index, internet, kishan patanayak, online journalism, tagged aflatoon, annual report, blogging, progress report, samajwadi janparishad on अगस्त 14, 2008 | 17 Comments »
१५ अगस्त २००६ को हिन्दी का चिट्ठा शुरु किया था । एक साल पूरा होने पर मूल्यांकन किया था । इस चिट्ठे पर पिछले साल कुल १२५ पोस्ट और ३४१ टिप्पणीयाँ थीं , इस साल ७३ पोस्ट लेकिन टिप्पणियाँ ३४१ ही हैं । अन्य दो चिट्ठे : यही है वह जगह पर इस साल ५७ [...]
पत्रकारीय लेखन किस हद तक साहित्य
Posted in journalism, tagged blogging, journalism, literature, mahadev desai on मई 23, 2008 | Leave a Comment »
१. पत्रकारीय लेखन किस हद तक साहित्य है ? : महादेव देसाई २. पत्रकारिता दुधारी तलवार ३. खबरों की शुद्धता ४. ” क्या गांधीजी को बिल्लियाँ पसन्द हैं ? ” ५. ‘ उस नर्तकी से विवाह हेतु ५०० लोग तैयार ‘ ६. हक़ीक़त भी अपमानजनक हो, तब ? ७. समाचारपत्रों में गन्दगी ८. क्या पाठक का लाभ अखबारों की [...]
