पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व की प्रधानता है , लेकिन धीरे धीरे उद्योगों का यह ढांचा , जो वृहद कॉर्पोरेशनों के रूप में विकसित हुआ है , पूंजीपतियों के व्यक्तिगत नियन्त्रण से मुक्त हो एक स्वतंत्र स्वरूप धारण करने लगा है [...]
Posts Tagged ‘‘limitation of maoist ideology’’
क्या माओवादियों ने चीन के विकास पर ध्यान दिया ? -सच्चिदानन्द सिन्हा
Posted in capitalism, consumerism, corporatisation, displacement, gandhi, globalisation, industralisation, jharkhand, Maoist Ideology, samajwadi janparishad, tribal, tagged 'limitation of maoist ideology', capitalism, gandhi, mao on नवम्बर 1, 2009 | 6 Comments »
‘सुरक्षित फौज’ और नेपाली समाजवाद का भविष्य/ सुनील
Posted in Maoist Ideology, Nepal, tagged 'limitation of maoist ideology', Nepal on अगस्त 23, 2008 | 4 Comments »
पिछला भाग (नेपाली माओवादियों के समाजवाद की सीमा)। कृषि के क्षेत्र में माओवादी भूमि – सुधारों और आधुनिकीकरण पर जोर देते हैं । भट्टराई कहते हैं कि हम अनुपस्थित जमींदारों को खतम करेंगे और जोतनेवाले को जमीन का मालिक बनाएंगे । गरीब किसानों की सहकारी समितियाँ बनाएंगे । विश्व बैंक और खाद्य एवं कृषि संगठन [...]
नेपाली माओवादियोँ की दुविधा और नजरिए का दोष / सुनील
Posted in Maoist Ideology, Nepal, tagged 'limitation of maoist ideology', Maoist Ideology, maoists, Nepal on अगस्त 22, 2008 | 7 Comments »
(नेपाली) माओवादियोँ के समाजवाद की सीमायेँ / सुनील यह एक इतिहास का चमत्कार माना जाएगा कि जब पूरी दुनिया मेँ साम्यवादी धारा का पराभव हो चुका है या हो रहा है , नेपाल मेँ एक माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी बड़ी ताकत के रूप में उभर कर आई है और सत्ता पर काबिज हुई है | नेपाल [...]
