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Archive for मार्च 30th, 2009

    भारत के मध्यम वर्ग को आकर्षित करने वाला ,  फाँय – फाँय अंग्रेजी बोलने वाला और अँग्रेजी में सोचने वाला शशि थरूर । पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद की होड़ में भी शरीक होने पर एक भारतीय मूल का व्यक्ति होने के नाते ज्यादातर भारतीयों की सहानुभूति बटोरने वाला !

    संयुक्त राष्ट्र , विश्व बैंक जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में ३ से ५ साल नौकरी कर लेने के बाद आजीवन डॉलर में पेंशन पाने वाली छोती-सी जमात का सदस्य । आज कल यह पेंशन लाखों रुपये प्रति माह में होती है । पिछले साल राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति के वेतन बढ़ाने के बाद भी इस पेंशन से कम है।

    ऐसे थोबड़ों को ही कोका कोला जैसी कम्पनियाँ कोका कोला इण्डिया फाउन्डेशन की सलाहकार समिति में रखती हैं और केरल के ही प्लाचीमाड़ा में चले कोका कोला कम्पनी द्वारा अकूत जल दोहन और प्रदूषण के खिलाफ़ आदिवासियों के आन्दोलन के खिलाफ़ बयान दिलवाने का काम करती है । जावेद अख़्तर और मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे एस वर्मा भी उक्त सलाहकार समिति की शोभा बढ़ाने वाले शक्स हैं ।

    पेप्सी कोला और कोका कोला की करतूतों के बारे में इस चिट्ठे पर चर्चा होती रही है । चाहे इन कम्पनियों द्वारा अकूत जल दोहन हो , बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो , मजदूरों के साथ रंगभेद हो , मजदूर नेताओं की हत्या हो , किसानों के साथ धोखाधड़ी हो अथवा उपभोक्तावादी संस्कृति को बढ़ावा देना हो । पाठक इनके बारे में यहाँ पढ़ सकते हैं ।

   फिलहाल कांग्रेस के टिकट पर केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम शशि थरूर चुनाव लड़ रहे हैं । अमेरिकी चुनाव में दोनों प्रमुख दलों को विशाल चन्दा देने वाली यह दोनों शीतल पेय कम्पनियाँ भारत में अपने प्रवक्ताओं को सीधे चुनाव लड़ा रही हैं । जन आन्दोलनों ने शशि थरूर को हराने के लिए अभियान चलाने का फैसला किया है । यह गौर तलब है कि संयुक्त संसदीय समिति द्वारा इन पेयों में कीटनाशक अवशेष पाये जाने की पुष्टि के बावजूद अब तक इस बाबत सरकार ने मानदण्ड तैयार नहीं किए हैं । कांग्रेस और भाजपा के प्रमुख वकील सांसद (कपिल सिब्बल और अरुण जेटली सरीखे)  इनके हक में न्यायालय में इनकी पैरवी करते हैं।

      शशि थरूर हराओ अभियान के प्रति आपके सहयोग और समर्थन की अपील कर रहा हूँ ।

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