Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Posts Tagged ‘varanasi’

जब चुनाव में दलों और उम्मीदवारों की भीड़ है , तब वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र से एक और उम्मीदवार – समाजवादी जनपरिषद  के अफलातून – मैदान में क्यों ?

ताकि बुनियादी बदलाव के लिए समर्पित एक नई राजनीति कायम हो सके | जब तक मौजूदा पतनशील , मौक़ा परस्त , स्वार्थी  राजनीति देश पर हावी रहेगी , तब तक कुछ नहीं हो सकता | एक अच्छा लोकपाल क़ानून भी नहीं बन सकता |

ताकि देश में गरीबी , बेरोजगारी , महंगाई फैलाने वाली आर्थिक नीतियों को बदला जा सके | किसानों को आत्महत्या न करना पड़े |

ताकि उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली जा सके , जिससे यहां के नौजवानों को मुंबई और दूसरी जगह दर-दर की ठोकरें न खाना पड़े |

ताकि खुदरा व्यापार सहित जनजीवन के हर क्षेत्र में विदेशी कम्पनियों का हमला रोका जा सके |

ताकि शिक्षा में मुनाफाखोरी , व्यवसायीकरण और भेदभाव के खिलाफ मुहिम चले और सामान स्कूल प्रणाली कायम हो | केजी से पीजी तक सबको मुफ्त , उम्दा तथा सार्थक शिक्षा की सरकारी खर्च पर व्यवस्था बने |

ताकि देश से अंग्रेजी का साम्राज्य ख़त्म हो और हिन्दुस्तानी , बंगला , तमिल,तेलुगु ,भोजपुरी जैसी जनता की भाषाओं में देश का काम चले |

ताकि चिकित्सा का बाजारीकरण और मुनाफाखोरी रुके | पैसे के अभाव में कोई इलाज से वंचित न रहे |

अफलातून

अफलातून


ताकि बनारस , उत्तर प्रदेश व् देश में अमन-चैन बिगाड़ने वाली फिरकापरस्त ताकतों को कमजोर किया जाए |साझी विरासत और गंगा – जमुनी तहजीब की रक्षा करने वाली धारा मजबूत हो |ताकि एक नया भारत बने और शायर इकबाल के शब्दों में हम फिर से फख्र से कह सकें –

सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा

समाजवादी जन परिषद के जुझारू उम्मीदवार म जो जयप्रकाश आंदोलन से लेकर आज तक वैकल्पिक राजनीति के लिए संघर्ष करते रहे हैं

साथी अफलातून को वोट दें , समर्थन दें , जितायें |

Read Full Post »

वाराणसी ,२६ जनवरी ,२०११ । समाजवादी जनपरिषद और पटरी व्यवसायी संगठन ने गणतंत्र-दिवस के मौके पर रश्मि नगर से जुलूस निकाला । जुलूस के पूर्व स्थानीय थानाध्यक्ष ने जुलूस में शामिल लोगों को भयाक्रांत करने की निष्फल करने की कोशिश । पिछले कई महीनों से नगर में बेवजह लागू धारा १४४ को बहाना बना कर जनता की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को दबाने के प्रयास को गणतंत्र-दिवस के मौके पर नगरवासियों ने निष्फल किया । जुलूस में शामिल लोगों ने ’देश का संविधान किसने बनाया ?- बाबासाहब; बाबासाहब ’, ’संविधान का क्या पैगाम ?- मानव-मानव एक समान’, ’कमाने वाला खायेगा; लूटने वाला जायेगा;नया जमाना आयेगा’,नया जमाना कौन लायेगा-हम लायेंगे तथा ’वोट हमारा ,राज तुम्हारा – नहीं चलेगा’,’पटरी-नीति लागू करो’ जैसे नारे लगाये ।

जुलूस विश्वविद्यालय सिंहद्वार,रविदास गेट ,अस्सी चौराहा ,दुर्गाकुंड,संकटमोचन होते हुए लंका पर समाप्त हुआ जहां एक नुक्कड सभा की गई । जुलूस और सभा में मुख्य तौर पर काशीनाथ रावत,काली प्रसाद सोनकर ,मोहम्मद भुट्टो,चन्द्रमा प्रसाद,जिलाध्यक्ष तेजबली,छांगुर राम ,नन्दलाल यादव,मंगल सोनकर, पन्नालाल ,दल के राष्ट्रीय सचिव चंचल मुखर्जी,पटरी व्यवसायी संगठन के अध्यक्ष काशीनाथ एवं अफलातून शामिल थे ।

Read Full Post »

%d bloggers like this: